expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>
Showing posts with label happy life. Show all posts
Showing posts with label happy life. Show all posts

Sunday, August 19, 2018

essay on benefits of reading Books in our Life in hindi/किताबें पढने के फायदे

                                     

अच्छी किताबें हमारे जीवन में बहुत महत्व रखती हैं, किताबें ज्ञान का भंडार होती हैं, यह हमारे एक अच्छे मित्र की तरह होती हैं जो हमसे न तो कोई शिकायत करती हैं और न ही कोई मांग करती हैं,

अच्छी किताबें हमें सही दिशा दिखाने में मदद करतीं हैं, एक गुरु की तरह हमारे ज्ञान को विस्तृत करती हैं, एक ट्रेनर की तरह हमे कुछ नया सिखाती हैं और एक मार्गदर्शक की तरह हमें सही गलत में अंतर सिखातीं है,

जिस प्रकार शरीर के लिए शारीरिक व्यायाम (Physical Exercise) की जरूरत होती है उसी प्रकार दिमाग के लिए मानसिक व्यायाम (Mental Exercise) की जरूरत पडती है, किताबें पढने से सबसे अच्छी Mental Exercise होती है, क्योंकि जब हम कुछ पढ़ते हैं तो हमारे दिमाग का हर हिस्सा कुछ न कुछ काम करता है, यानि की हर हिस्सा Activate हो जाता है, जबकि यदि हम कुछ सुने, या देखें तो कुछ ही हिस्से Activate हो पाते  हैं सारे नहीं, अत: पढना सबसे अच्छी mental एक्सरसाइज मानी जाती है,


किताबों का हमारे जीवन में महत्व 

1. अच्छी किताबें हमें सकारात्मक विचारों से भर देती हैं - 

किताबें पढने की आदत एक बेहतरीन आदतों में से एक है, किताबें पढने से हमारे अंदर की नकारात्मकता खत्म होती है सकारात्मकता बढती है, जब हम अच्छी किताबें पढ़ते हैं तो जाहिर है हम कुछ न कुछ अच्छा सीखते हैं और खुद के जीवन में एक नया बदलाव होते देखते हैं, यही नया बदलाव सकारात्मकता बढाता है, और हमें जीवन को नये नजरिये से देखने के लिए प्रेरित करता है,


2. किताबें हमारी रचनात्मकता/Creativity को बढातीं हैं-

किताबें Creativity बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, अलग अलग तरह की किताबें पढने से हमें अलग अलग चीजों के बारे में ज्ञान होता है, साथ ही अलग अलग लोगों के बिचारों को समझने में मदद मिलती है, जो हमारी रचनात्मकता का विस्तार करती है,

अलग अलग प्रकार की किताबें पढने से विभिन्न प्रकार के Ideas दिमाग में आते हैं, जो हमारी रचनात्मकता को बढ़ाने में मदद करते हैं,

3. हमारी सोचने की क्षमता का विस्तार करतीं हैं,

कहते हैं जो इन्सान किताबें नहीं पढ़ता वह केवल एक ही जीवन जीता है, जबकि किताबें पढने वाला व्यक्ति एक ही जीवन में हजारों जीवन जी लेता है, क्योंकि जितना ज्यादा हम किताबें पढ़ेंगे, उतने ज्यादा लोगों के विचारों से परिचित हो पाएंगे, या यूँ कहें दुसरे लोगों के जीवन को हम करीब से देख पाएंगे और उतना ही हमारा ज्ञान बढ़ेगा, समझ बढ़ेगी और उतना ही हमारी सोच का दायरा बढ़ेगा,


4. यह खाली दिमाग को खुले दिमाग में बदल देती हैं,

अधिकतर सफल लोग अपना कुछ समय अच्छी किताबें पढने में लगाते हैं, क्योंकि वे जिस मुकाम तक पहुचें होते हैं उसमे किताबों का महत्वपूर्ण योगदान होता है, अत: लगातार ज्ञान हासिल कर वे नई चीजें सीखते रहते हैं और आगे बढ़ते रहते हैं,

किताबें इन्सान की समझ का विकास करतीं हैं, जो इसे संकीर्ण सोच से उपर उठाकर उसके दिमाग को खोलती है, अच्छी किताबें पढने वाला इन्सान छोटी व तुच्छ बातों, झगड़ों, नफरत, गुस्से आदि से ऊपर उठ जाता है और उसका दिमाग कुछ बडा करने, मदद करने, दूसरों को समझने, खुश रहने में उसकी मदद करता है, यानि की पूरी तरह से एक खुला दिमाग वाला इन्सान बन जाता है.


कहते हैं अपनी गलतियों से सीखने में तुम्हारी उम्र छोटी पड़ जाएगी, और जब तक आप खुद से सीखते हुए सफल होते हैं तब तक आपकी उम्र निकल जाएगी, तो क्यों न दूसरों की गलतियों से सीखते हुए जल्दी सफल हुआ जाये,

इसका सबसे अच्छा तरीका है अधिक से अधिक किताबें पढों क्योंकि किताबों से हमें दूसरों की सफलता असफलता, गलतियों, सीख आदि सब कुछ जानने का मौका मिलता है जिससे हम उनसे सीख लेकर खुद उन गलतियों से बच सकते हैं और जल्दी सफल हो सकते हैं,

साथ ही किताबों से बहुत कुछ सीख कर सफलता हासिल की जा सकती है, वे लोग जो लगातार अच्छी किताबें पढ़ते हैं उनके सफल होने के chances ओरों के मुकाबले काफी अधिक होते हैं.


6. ज्ञान का विस्तार करती हैं,

7. आपको अधिक उत्साही बनाती है,

8. अवसरों के नये दरवाजे खोलती है,

9. किताबें आपको अधिक आत्मविश्वासी और साहसी बनाती हैं,

10. आपकी Imagination/कल्पनाशक्ति का विस्तार करती हैं,

11. किताबें तनाव कम करने या खत्म करने में मदद करती हैं और happiness बढाती है- 

12. किताबें पढने से स्मरण शक्ति (Memory Power) बढती है,

13. किताबे पढने की आदत इन्सान को अधिक समझदार बनाती है,

14. किताबें पढने से निर्णय लेने (Decision Making) की क्षमता बढती है,

15. किताबें आपको आगे बढने के लिए प्रेरित करतीं हैं,

16. आपकी समझ का विकास करतीं हैं,

17. किताबें पढने से Focus और Concentration बढ़ता है,

18. लगातार किताबें पढने वाला व्यक्ति अधिक Intelligent बनता जाता है,

19. पढने से आपकी भाषा में सुधार होता है और आपकी vocabulary बेहतर होती है,


किताबों का महत्व किसी छोटे दायरे में सीमित न होकर बहुत विस्तृत है, लगातार अच्छी किताबें पढने की आदत आपको एक सफल इन्सान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जब भी हम सफल लोगों से सम्बन्धित किताबें पढ़ते हैं तो अवश्य ही उनके जैसे बनना चाहते हैं उनकी आदते अपनाते हैं, उनसे सीखने का प्रयास करते हैं, और उन्हीं जैसे बनने लग जाते हैं, अत: हमेशा अच्छी किताबों का ही अध्ययन करना चाहिए, शोध के अनुसार किताबें पढने से कई सारी बिमारियों का खतरा भी कम हो जाता है,

अधिकतर सफल लोग अपने हर दिन के कुछ घंटे अच्छी किताबें पढने में लगाते हैं, बिल गेट्स हर हप्ते 1 किताब अवश्य पढ़ते हैं, 70% millionares हर महीने 2 किताबें पढ़ते हैं,

अत: पढने का महत्व बहुत विस्तृत है, जो हमे शारीरिक, मानसिक और आध्यातमिक रूप से अधिक स्वस्थ बनाने में मदद करता है, परन्तु आप किस उद्देश्य से किताबें पढना चाहते हैं उसी के According किताबें चुने.


Sunday, May 6, 2018

amazing benefit of laughter in hindi/खुलकर हंसने के गजब फायदे


                   
"A good laugh is sunshine in the house."   -William Thackeray 
                              




     दोस्तों जब भी हम हँसते हैं तो जैसे सारे शरीर और दिमाग की थकान और तनाव गायब हो जाता है, हंसने से हमारे पूरे शरीर में ऊर्जा दौड पडती है और पूरा शरीर तरोताजा हो जाता है,

  
     आपने महसूस किया होगा जब हम कई बार परेशान, उदास या तनाव में रहते हैं तो हमारा पूरा शरीर और दिमाग व मन भारी और थका सा हो जाता है लेकिन जैसे ही हम थोड़ा सा मुस्कराते हैं तो जैसे शरीर और दिमाग का भार गायब हो जाता है और अंदर से सुकून महसूस होता  है, और जब हम जोर-जोर से हँसते हैं तो पूरा शरीर ऊर्जावान हो जाता है और मन करता है हँसते ही रहें,

अगर आप हमेशा जोर से नहीं भी हंस सकते तब भी मुस्कुराने का मौका न छोड़ें,
आइये जानते हैं हंसने के फायदे....


   हंसने के फायदे 

   1.   सकारात्मक ऊर्जा बढती है,


   2.   निराशा और तनाव दूर होता है,

   3.  मूड अच्छा रहता है,

    4.  शरीर स्वस्थ होता है, पूरे शरीर में आक्सीजन का संचार होता है जिससे बीमारियाँ दूर होती हैं, 

    5.  रिश्ते बेहतर होते हैं,

    6.  सकारात्मक दोस्त बनते हैं,

   7.  रचनात्मकता में बृद्धि होती है,

    8.  कार्य क्षेत्र में सकारात्मकता बढती है, और दोस्ती का माहौल बनता है,

    9.  शरीर और मन युवा बने रहते हैं,

   10.  Immune System दुरुस्त बना रहता है,

    11. ब्लड प्रेशर सामान्य बना रहता है,

    12. heart दुरुस्त रहता है,


   दोस्तों कभी भी हंसने का मौका न छोड़ें, जितना हो सके माहौल को हंसी मजाक का बनाएं, हमेशा हंसने वाले लोगों के करीब रहें, हर चीज को लेकर serious होने के बजाय उनमे कॉमेडी ढूंढे को जीवन के हर पल को enjoy करें.

अन्य पोस्ट...

खुद को और दूसरों को प्रेरित करना क्यों जरूरी है!

समृद्धि/अमीरी की मानसिकता बनाये/ ameeri ki mansikta banaye


youth problem in hindi/क्या है आज के युवा की सबसे बड़ी समस्या




Monday, April 30, 2018

how to live a joyful life in hindi/ कैसे जिए एक मस्तीभरा जीवन

"जिन्दगी समय का एक छोटा सा तोहफा है,  इसे जितना सम्भव हो enjoy करो"     - Bronnie Ware    
      


   कौन सा ऐसा इन्सान होगा जो अपनी जिन्दगी को ख़ुशी से नहीं जीना चाहेगा, लेकिन  कितने लोग हैं जो वास्तव में अपने जीवन को मजे से और ख़ुशी से जी रहे हैं?  शायद बहुत कम!


     आजकल की भागदौड़ भरी जिन्दगी में हर कोई तनाव, चिंता, बेचैनी से घिरा हुआ है, जो कई बिमारियों और दुखों की वजह बन रहा है, 


   हम एक  relax और peaceful जीवन जीना चाहते हैं, एक ऐसा जीवन जिसमे आंतरिक तौर पर हम शांत हों, कोई बेचैनी न हो, कोई घबराहट, डर न हो, अंदर से रिलैक्स हों, सुकून हो, खुश हों और कोई तनाव या चिंता हमें परेशान न कर सके, 

    आखिर ऐसा जीवन हम कैसे पा सकते हैं? 

   4 आसान step से आप ऐसा जीवन जी सकते हैं-

1. अपने विचारों पर ध्यान दें - 

    व्यक्ति हर पल कुछ न कुछ सोचता रहता है, उसके दिमाग में हर समय विचार चलते रहते हैं, किसी समय वह चेतन अवस्था में अपने विचारों को समझ रहा होता है लेकिन अधिकतम समय अवचेतन अवस्था में विचार उसके दिमाग में चलते रहते हैं, 

   जो भी विचार किसी के दिमाग में चलते हैं उनमे से अधिकतम नकारात्मक होते हैं जो व्यक्ति की प्रोग्रामिंग नकारात्मक तरीके से करते हैं और व्यक्ति को निराशावादी बना देते हैं,


    अत: जितना हो सके खुद को वर्तमान में रखने की कोशिस करें, जब भी याद आये अपने विचारों पर ध्यान दें, उन्हें देखने की कोशिस करें, इससे कुछ समय के लिए आपके दिमाग में विचार आने बंद हो जायेंगे साथ ही आपको यह भी पता चल जायेगा की अभी कुछ समय पहले आप क्या सोच रहे थे, शायद वह कुछ नकारात्मक हो या कोई फालतू बात जो आपके लिए फायदेमंद नहीं है, तो ऐसी बातो को सोचना तुरंत बन कर दें,



2. सकारात्मक बातें सोचने लगें -

    जैसे ही आप अपने विचारों पर ध्यान देते हैं और फालतू बाते सोचना बंद करते हैं आपको तुरंत ही सकारात्मक बातें सोचना सुरु कर देना चाहिए, जैसे अपने सपनों के बारे में सोचें, अपने काम को आप कैसे बेहतर बना सकते हैं, अपने आप को बेहतर बनाने के बारे में, और कोई भी अच्छी बात जो आपके लिए फायदेमंद हों, 

आप खुद के लिए कोई पॉजिटिव affirmation दिन के लिए चुनकर उसे दोहरा सकते हैं जैसे -आज मैं बहुत खुश हूँ या बहुत active हूँ.

how I use Affirmation for positive mindset in hindi/Affirmation in hindi


    इस तरह की बाते आपके अंदर सकारात्मकता भर देंगी, साथ ही आप अंदर से ख़ुशी महसूस करने लगेंगे और आप अपने लक्ष्यों की तरफ बढने लग जायेंगे.



3. लोगों और परिस्थतियों को स्वीकार करें -

  हमारे तनाव का एक मुख्य कारण है की हम सोचते हैं की जो मैं चाहता हूँ वही हो और जैसा मैं चाहू दूसरा वैसा ही व्यवहार करे, लेकिन जब ऐसा नहीं होता तो हम दुखी हो जाते हैं, परिस्थितियों को दोष देने लगते हैं लोगों को बुरा समझने लगते हैं,


    याद रखें सब कुछ वैसा नहीं होगा जैसा आप चाहते हैं, जो आप सोचेंगे कभी-कभी परिस्थितिया उसके विपरीत होंगी, जिन परिस्थितियों को आप बदल नहीं सकते तो आपको उन्हें वैसे ही स्वीकार करना होगा, तभी आप एक खुश और संतुष्ठ जीवन जी पाएंगे.

   दूसरों को बदलने के बारे में मत सोचें आप खुद को बदल सकते हैं किसी और को नहीं, अत: कोशिस करके खुद को तकलीफ न दें,

    मत सोचिये की कहीं कुछ बुरा न हो जाय, जो होता है अच्छे के लिए होता अत: accept it and enjoy it.

बेशक आप दूसरों को नहीं बदल सकते लेकिन एक अच्छी बात है की आप खुद को बदल सकते हैं, अपनी आदतों को बदल सकते हैं, और खुशियाँ चुन सकते हैं,



4. हर परिस्थिति को enjoy करें -

किसी स्थिति की नकरात्मक साइड देखने के बजाय उसे देखने का खुद का नजरिया बदल दें, परिस्थिति से परेशान होने के बजाय उस परिस्थिति की अच्छी बातो को एन्जॉय करें,


 "जब चीजें हो रही होती हैं, मैं जिन्दगी को enjoy करता हूँ, मैं परवाह नहीं करता की ये चीजे अच्छी हैं या बुरी, इसका मतलब है आप जीवित हैं"                                                                                     - Joan Rivers

I enjoy life when things are happening. I don't care if it's good things or bad things. That means you're alive. 

                                                                       - Joan Rivers


हर परिस्थिति में कुछ न कुछ अच्छा जरूर होता है और जो भी होता है वह अच्छे के लिए होता है अत: परेशान होने के बजाय कुछ न कुछ फन ढून्ढ ले.

याद रखें मस्ती या तनाव चुनना आपका विकल्प है आप जिसे चाहे उसे चुन सकते हैं.  


अन्य पोस्ट यहाँ पढ़ें ...

खुद को और दूसरों को प्रेरित करना क्यों जरूरी है!

समृद्धि/अमीरी की मानसिकता बनाये/ ameeri ki mansikta banaye

youth problem in hindi/क्या है आज के युवा की सबसे बड़ी समस्या

Sunday, March 4, 2018

how to live stress free life in hindi, तनावमुक्त जीवन कैसे जियें,




 
“In times of great stress or adversity, it’s always best to keep busy, to plow your anger and your energy into something positive.”
                                                            – Lee Iacocca

                                                     

      
तनाव या stress एक बोझ के समान है, तनाव जिस इन्सान के उपर जितना ज्यादा हावी होगा वह इन्सान आगे बढ़ने में उतना ही असमर्थ होगा.


 
यानि तनाव आपको आगे बढने से रोक देता है और आपका ध्यान अपनी समस्याओं पर इतना केन्द्रित हो जाता है की आपको आगे बढने के सारे रास्ते बंद दिखाई देते हैं, 



     तनाव होने के कारण... 

1 
ख़राब सेहत 
  
 2  रिश्तों में कड़वाहट

 3 
गरीबी/ कमजोर आर्थिक स्थिति 

 4 
किसी तरह का नुकसान 

 5
बेरोजगारी 

 6 
जिन्दगी में लक्ष्य का आभाव 

 7 
खुद से या दूसरों से बहुत ज्यादा अपेक्षाएं

 8 
काम को टालते रहना 

 9 
बीते कल को याद करते रहना

10 
किसी तरह का डर

 11
आलस  

   
तनाव के तो बहुत से कारण हो सकते हैं, इन कारणों को समाप्त करके हम तनाव से छुटकारा पा सकते हैं, 

   
लेकिन जरूरी नहीं है की आपके जीवन ये उपर्युक्त कारण हैं तो आपको तनावग्रस्त हो जाना चाहिए, बहुत से लोग हैं जो उपर्युक्त कारणों के होते हुए भी खुश रहते हैं और बहुत शांत दिमाग के साथ उपर्युक्त समस्याओं का समाधान करते हैं,



     
कितनी भी मुसीबत आ जाये कुछ लोग ख़ुश रहकर उसका समाधान ढूंढते हैं और उस समस्या से बाहर निकलते हैं जबकि बहुत से लोग उन समस्याओं में खुद को इतना उलझा देते हैं की उनके पास तनाव व चिंता के सिवाय कोई रास्ता नहीं रहता है,



   
यकीनन जब समस्या का समाधान करने के बजाय उसे टाला जाता है तो वह धीरे-धीरे जटिल होती जाती है और अंत में तनाव का रूप ले लेती है.



 
अत: अपनी समस्या के सामने घुटने टेकने के बजाय उसके सामने डटकर खड़े रहें और शांतिपूर्वक उसका समाधान निकालें जैसे ही आपकी समस्या का समाधान हो जायेगा आपको अंदर से एक आत्मविश्वास और ख़ुशी का अनुभव होगा और आपका तनाव गायब हो जायेगा.


(ये भी पढ़ें...तनाव बढने के 4 नये कारण और उनके समाधान)

   

    कैसे  बचें तनाव से .....


1.  अपने काम को तुरंत करने की आदत डालें, किसी भी काम को टालना छोड़ दें, आप जितनी बार अपने काम को टालेंगे आपके तनाव का स्तर उतना बढ़ता जायेगा, काम को तुरंत करने की आदत डालें, यह आपको अंदर से स्फूर्ति देगा और आपके उत्साह से भर देगा.


2.  आज में जियें, बीते समय को आप बदल नहीं सकते, अत: कोशिस भी न करें, न बीते कल पर अफ़सोस करें न आने वाले कल की चिंता करें, दोनों ही आपको परेशान कर देंगे, अत: जो बेहतरीन समय आज है उसका बेहतरीन उपयोग करें, जिससे आपको कुछ समय बाद पीछे मुडकर देखने में पछतावा न हो की काश इस समय का सही उपयोग किया होता, अभी का समय सबसे बेहतरीन समय है इसे न गवाएं.



3.  किसी भी चीज के लिए दूसरों पर निर्भर रहना छोड़ दें- खुश रहने के लिए, अपनी जरूरत के लिए, पैसों के लिए, आगे बढने के लिए आपको किसी दूसरे की नहीं खुद की आन्तरिक शक्तियों के इस्तेमाल की जरूरत है,अत: कोई ऐसा काम तलासे, जो आपको ख़ुशी भी दे, पैसा भी दे, सुकून दे, और आन्तरिक शांति भी दे.


4.  दूसरा क्या सोचेगा, वाली मानसिकता से बाहर निकले- कई बार आप तनाव में सिर्फ इस वजह से होते हैं की आपको लगता है की, और लोग आपके बारे में क्या सोच रहें होंगे, दूसरों को खुस रखने के लिए यदि आप कोई भी काम करेंगे तो आप खुद कभी खुस नहीं रह पाएंगे, कोई न कोई आपके अच्छे से अच्छे काम की आलोचना करना नहीं भूलेगा, अत: अपना काम अच्छे से करते रहें, फिर जो लोग आपको परेशान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते वो आपको खुस देखकर खुद परेशान हो जायेंगे.




5.  तनाव और ख़ुशी  दोनों विकल्प हैं, ये आप पर है कि आप किसको चुनते हैं-  कुछ लोग हर परिस्थिति में खुस रहते हैं, परेशानी के समय में भी ये लोग खुश दिखते हैं, जबकि कुछ लोग हमेशा परेशान ही दिखते हैं,  चुनाव आपके हाथ में है, अत: हमेशा ख़ुशी चुने.

                                
     
    दोस्तों अगर हम अपना बेहतरीन प्रदर्शन करते रहे और क्या होगा क्या नहीं होगा के डर से बाहर निकल जाएँ और अपने काम पर ध्यान देते रहें तो न सिर्फ हम अनावश्यक तनाव से बचें रहेंगे बल्कि अपने काम में सफल होंगे.
  

 ये भी पढ़ें.....

जीवन में बदलाव जरूरी है,/jeevn me parivartan jroory है

स्वस्थ रहना है जरूरी/ how to be healthy in hindi

Sunday, February 18, 2018

new cause of stress in hindi/तनाव बढने के 4 नये कारण और उनके समाधान

"Smile, Smile, Smile at your mind as often as possible,
Your smiling will considerably reduce your mind's tearing tension."
                                                                                                                          -Sri chinmoy 



वैसे तो तनाव के कारण बहुत से हैं, जैसे नींद न आना, अस्त-व्यस्त दिनचर्या, फ़ास्ट फ़ूड, आर्थिक तंगी, खराब रिश्ते, खराब सेहत, किसी अपने को खोना वगैरह वगैरह... 



       ये कारण तो लगभग सभी जानते हैं, लेकिन आजकल कुछ कारण ऐसे पैदा हुए हैं जिनमे ज्यादातर लोग डूबे हुए हैं लेकिन उनको उससे पैदा होने वाले तनाव रूपी जहर का जरा भी अंदाजा नहीं है,

खुद को और दूसरों को प्रेरित करना क्यों जरूरी है!



1. न्यूज़ -

        आपको सुनने में अजीब लगे लेकिन आजकल लोगों के तनाव बढ़ाने में न्यूज़ बहुत अधिक जिम्मेदार हैं, आजकल की अधिकतम न्यूज़ अपराध, भ्रस्टाचार, राजनीतिक बहस, धार्मिक बहस, जातिगत नफरत, धार्मिक नफरत, आत्महत्या, सीमाओं पर तनाव, नफरत फ़ैलाने वाले बयानों आदि से भरी पड़ी होती हैं, जिन्हें सुनकर, पढकर या देखकर नकारात्मकता फैलती है, 



        सबसे ज्यादा तनाव बढ़ाने वाली ख़बरों में किसी धर्म, जाति आदि के नाम पर बहस, जिनकी न कहीं सुरुआत होती है न कहीं अंत, बस देखने वाले का समय जरूर बर्बाद होता है और लोगों में मन में दूसरे धर्म, जाति आदि के लिए नफरत पैदा होती है, इससे हमारे अवचेतन मन पर बहुत ही गलत असर पड़ता है खासकर बच्चों के कोमल मन पर जिन्हें सही गलत की समझ नहीं होती, वो नकारात्मकता की तरफ बढने लगते हैं,




       इनमे खेलों, अच्छी चीजों पर ज्ञान, सकारात्मक चीजों आदि के लिए कोई खास जगह नहीं होती ज्यादा से ज्यादा खेलों में क्रिकेट से सम्बन्धित खबरे ही चलती हैं, बाकि अन्य खेलों की खबरे न के बराबर ही रहती हैं, 



      समाधान  

      किसी भी समस्या का कारण जानना ही उसके आधा समाधान के बराबर है, क्योंकि जब कारण पता होगा तभी समाधान भी निकला जा सकता है, यकीनन नकारात्मक न्यूज़ पढने/सुनने से तो नकारात्मकता ही फैलेगी, 

          तो क्या न्यूज़ देखना छोड़ दें?


    जी नहीं,  आप लोग कुछ ऐसे न्यूज़ चैनल देख सकते हैं जिसमें मसाला कम और अच्छी खबरें ज्यादा हों,

    आप मेरी तरह DD न्यूज़ देख सकते हैं, इसमे आपका न तो ज्यादा समय बर्बाद होगा और न ही आपके अंदर नकारात्मकता घुस पायेगी, बल्कि बहुत ही कम समय में आपको DD न्यूज़ से सारी दुनिया की सही खबरें मिल जाएँगी साथ ही देश के अंदर जो कुछ भी खबरें हैं उनका अच्छे से ज्ञान हो जायेगा बिना फालतू की बहस के,

       DD न्यूज़ में अच्छे मुद्दों पर जो देश हित में है पर discussion होते है जो ज्ञान और जानकारी को बढाती है,  मैं किसी न्यूज़ चैनल की न तो समर्थक हु न ही बिरोधी, जो मुझे सही लगा मैंने आपसे शेयर किया, अन्य न्यूज़ चैनलों में भी कुछ अच्छी खबरें आती होगी आप उन्हें भी देख सकते हैं.

       

  सोशल मीडिया 

सोशल मीडिया पर जहाँ बहुत से लोग अपना समय बर्बाद करतें हैं वही बहुत से लोग इसका प्रयोग अपने business बढ़ाने, अपने काम को बढ़ाने और जरूरत मंद कामों के लिए भी करते हैं, कई लोग जरूरी जानकारियां आदान प्रदान करने के लिए करते हैं, और कई लोग पैसा कमाने में भी करते हैं, 

आपको खुद की तरफ देखना होगा आप किस कैटगरी में आते हैं?


        अधिकतम लोग सोशल मीडिया का प्रयोग केवल टाइम पास के लिए करते हैं, और इन्ही लोगों में से बहुत से लोग खासकर युवा, अपने विचारों को नकारात्मक बनाने में, खुद की मानसिकता व सोच को संकीर्ण करने और खुद के तनाव को बढ़ाने में करते हैं, अब आप पूछेंगे... 


      सोशल मीडिया से तनाव कैसे बढ़ता है?


       आजकल हर जगह जाति, धर्म, सम्प्रदाय, राजनीतिक पार्टी आदि के नाम पर अलग-अलग संगठन बने हुए हैं, जो सोशल मीडिया पर हमेशा सक्रिय रहते हैं, 


      जाने अनजाने लोग खुद को इन संगठनों का हिस्सा समझने लगते हैं, वो खुद को उस संगठन का हिस्सा मान लेते हैं जिस जाति, धर्म आदि से वो सम्बन्धित होते हैं, और अब उस पेज पर कुछ सही या गलत बाते शेयर हो वे उसे ही सच मान लेते हैं और उसके अनुसार अपने अंदर नफरत बढ़ाते रहते हैं और फिर यहीं से होती है नकारात्मकता की सुरुआत, 


     कोई भी पेज देखलो, उसमे गाली-गलोज, नफरत भरे कमेंट्स भरे पड़े होते है, किसी भी नफरत वाले comment का जवाब देना कई लोग अपना सबसे महत्वपूर्ण कार्य समझते हैं, यहाँ तक की कई अच्छे विषयों से सम्बन्धित पेज पर भी ये लोग अपनी नफरत और frustration उडेलना नहीं भूलते.


        दूसरा कई बार हम सोशल मीडिया में इतने डूब जाते हैं की हमारे परिवार या करीबी किसी को हमारी जरूरत होती है लेकिन हम उसकी मदद करने के बजाय फोन में घुसे पड़े रहते हैं, ठीक ऐसा ही हमारे साथ भी होता है जब हमे किसी करीबी की जरूरत होती है लेकिन वह भी अपने आप में मग्न रहता है, ऐसे में जरूरत के वक्त हम खुद को अकेला महसूस करते हैं जिससे तनाव बढने की काफी सम्भावना होती है.
     

      आजकल लोग जब परिवार या दोस्तों के साथ होते है उस समय फ़ोन के अंदर घुसे होते हैं लेकिन जब उन्हें किसी वजह से अकेले रहना पड़ता है, तब उन्हें अपने परिवार और दोस्तों की याद आती है. यकीनन तब उन्हें अकेलेपन का अहसास होता है.



समाधान 

   सोशल मीडिया का प्रयोग करना बिलकुल भी बुरा नहीं हैं अगर उससे आपके अन्य कार्यों और रिश्तों व दिमाग पर कोई बुरा असर नहीं होता, या अगर आप इसका प्रयोग अपनी जरूरत के लिए कर रहें हैं तो, लेकिन अगर आप इसके दुस्प्रभाव में हैं तो आपको सतर्क होने की आवश्यकता है,



    अगर आपने नफरत फ़ैलाने वाले pages को like किया है और आप भी इसी अंधी दौड़ में सामिल होकर अपना समय और मानसिकता बर्बाद कर रहे हैं, तो तुरंत ही ऐसे pages से खुद को अलग कर दीजिय, और दूसरों के कमेंट पढना बंद कीजिये क्योंकि अधिकतर comments केवल नकारात्मकता से भरे होते हैं, 


       और ऐसे pages को like कीजिये जो आपके अंदर सकारात्मकता भर दें, आपको सोशल मीडिया पर अपने समय को कम कर देना चाहिए, और जो समय आप इन चीजो में बर्बाद करते हैं उसे अपने महत्वपूर्ण कामों में लगाइए इससे आपके अंदर आत्मविश्वास और सकारात्मकता का विकास होगा. 


    आप अगर किसी के नफरत भरे comment का जवाब नहीं देंगे तो ये दुनिया खत्म नहीं हो जाएगी, गलत कमेंट करने से आप भी उन्ही लोगों जैसे बन जायेंगे अत: फालतू की बहस का हिस्सा न बनें.


      नफरत की जगह प्रेम चुने याद रखें हर धर्म, जाति,देश में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग होते हैं, अत: लोगों से प्रेम करें बिना किसी भेदभाव के. अपने परिवार के लोगों के समय दें, खासकर जब वे किसी समस्या में हों, क्योंकि आपके सोशल sites पर जितने भी फ्रेंड्स हों जरूरत पड़ने पर सिर्फ आपके करीबी व परिवार के लोग ही आपकी मदद करेंगे.


     कोई पोस्ट डालकर उसमे लाइक्स ही न गिनते रहें यह आपकी सोच को संकीर्ण कर देगा, इन सब चीजों से ऊपर उठें यह दुनिया बहुत बड़ी और बहुत खुबसूरत है, एक मोबाइल में सिमटकर न रहें अपनी गर्दन उठाइए, ऊपर देखिये और जिन्दगी का मजा लीजिये.


   सोशल मीडिया से अच्छा आप कोई स्पोर्ट्स खेल सकते है.



SAD SONG-


       कभी-कभी किसी sad song को मजे के लिए सुनना कोई गलत नही है, लेकिन उस गाने में डूब जाना, खुद को उससे relate कर करके खुद दुखी होते जाना, और फिर खुद से तनाव पैदा करना, सिवाय बेवकूफी के और कुछ नहीं है,



    कई बार हम किसी समस्या में पड़ जाते हैं, उससे परेसानी होती है तो कई लोग उस समस्या का समाधान करने के बजाय sad song सुन सुनकर खुद को और दुखी कर रहे होते है और फिर कहते हैं की मेरी तो किस्मत ही खराब है, मेरे साथ ही एसा क्यों होता है...


आप खुद अपनी परेशानियाँ बढ़ा रहें हैं जिस समय आपके पास मौका है अपनी समस्या सुलझाने का आप उस समय को बर्बाद कर रहे हैं.



समाधान 


   जब आप किसी समस्या, परेशानी में हों या दुखी हो, ऐसे समय में sad song न सुने,यदि कोई गाना सुनना जरूरी ही है तो motivational song सुने इससे आपके अंदर नई ऊर्जा का संचार होगा और आपका दिमाग अधिक सकारात्मक होगा ऐसी स्थिति में तुरंत अपनी समस्या के समाधान में जुट जाएँ, कोई भी समस्या आपके अंदर की शक्ति से बढकर नहीं हो सकती, खुद की आंतरिक शक्ति पर विश्वास कीजिये और अपनी समस्या का समाधान कीजिये.



4. काम में अरुचि 

अक्सर आजकल अधिकतम युवा अपनी पसंद का करियर चुनने के बजाय ऐसा करियर चुन लेते हैं जो उन्हें पसंद नहीं है, अपने दोस्तों, परिवार वालों, समाज आदि के according वो अपना कार्य चुन लेते हैं,


       चूँकि जो काम किसी की पसंद का न हो तो उसे करने में ज्यादा कोशिस करनी पड़ेगी, ज्यादा ध्यान लगाना पड़ेगा, ज्यादा थकावट महसूस होगी और सबसे बुरा बोरियत आएगी, और कोई भी काम हो वह और मुश्किल तब हो जाता है जब हमे हर परिस्थिति की आलोचना करने और उसमे कमियां ढूँढने की आदत पड जाती है.


  समाधान 

इस समस्या के 2 समाधान हैं, एक जो पसंद है वही करियर चुनों या दूसरा जो करियर चुन लिया है उसे ही पसंद कर लो,

    १. जो काम आपको पसंद है उसी काम से related करियर चुने, अब आप कहेंगे की मुझे पसंद तो बहुत कुछ है तो क्या चुनु, आपको अपनी पसंद और रूचि को समझना होगा आप किस काम को करने में ख़ुशी महसूस करते हैं यह समझना होगा,

   
     साथ ही देखना होगा की आप उस काम के कितने योग्य है, यदि किसी काम में आपको रूचि और योग्यता दोनों हैं तो फिर उसी से सम्बन्धित करियर चुनिए. ऐसे में सफलता हासिल करना काफी आसान हो जाता है.


   २. यदि आप पहला option नहीं चुन पाए और आपको कोई ऐसा करियर चुनना पड़ा जिसमे आपकी कोई रूचि नहीं है तो आपको उसी में अपनी रूचि पैदा करनी होगी, रूचि पैदा करना कोई बहुत मुस्किल कार्य नहीं है,


  सबसे पहले अपनी परिस्थितियों की आलोचना करना बंद करें और खुद को चैलेंज दें की आप उन परिस्थितियों में कितने अच्छे से अपना काम कर सकते हैं, 

  दूसरों से खुद की तुलना करने के बजाये, अपने आप पर गर्व कीजिये, और जितना हो सके अपना best करने का प्रयास करें, अपने आप से या दूसरों से कभी न कहें की यह काम कितना बोरिंग हैं बल्कि खुद से कहें की यह बहुत interesting  है, मुझे इसे करने में मजा आता है, चाहे वह आपको कितना भी बोरिंग लगता हो, यदि आप उसे रोज मजे का कहकर करते हैं तो धीरे-धीरे आपको उस काम में ही interest आने लग जायेगा.


short में तनाव के 4 नये कारण

1. न्यूज़ 
2. सोशल मीडिया
3. sad song
4. काम में अरुचि 



     इसके अलावा भी बहुत से कारण हैं जिनसे तनाव बढ़ता हैं, जो हमेशा से मौजूद हैं....

1. जरूरी कामों को टालते रहना और फालतू चीजों में टाइम पास करना,
2. शारीरिक अस्वस्थता 
3. खराब रिश्ते 
4. आर्थिक तंगी/ बेरोजगारी
5. अव्यवस्थित दिनचर्या
6.  दूसरों पर अत्यधिक निर्भरता 

    आदि....


    अपने आप को समझने की कोशिस करें अपनी समझ विकसित करें, अपनी आन्तरिक शक्तियों को याद कीजिये जो इस दुनिया में किसी भी चीज से कई गुना ज्यादा अधिक शक्तिशाली हैं, उन शक्तियों का आव्हान कीजिये, आपकी समस्याए और कोई भी तनाव उनके सामने टिक नहीं सकता, आप अपनी किसी भी समस्या का समाधान करने में और तनाव को दूर करने में सक्षम हैं, आप अपनी समस्या से बहुत बडे हैं और सबसे महत्वपूर्ण आप जीतने के लिए पैदा हुए हैं.


Related post..    

1. खुद को और दूसरों को प्रेरित करना क्यों जरूरी है!


Tuesday, December 12, 2017

आज में कैसे जिए


           वर्तमान में जीना क्यों है जरूरी

         इन्सान का स्वाभाव होता है हमेशा कुछ न कुछ सोचते रहना, यानि हमारे दिमाग में कोई न कोई विचार हमेशा चलता रहता है, जो हमारे बीते कल से सम्बन्धित हो सकता है या भविष्य के लिए कोई कल्पना हो सकती है या कुछ भी विचार हो सकता है, ये विचार हमारे दिमाग में चिपक जाते है और हमे वर्तमान से काटकर रखते हैं, 


     अर्थात हमारा ध्यान जहा हम हैं वहां न होकर कहीं और होता है जिससे हम किसी भी काम में, किसी भी जगह ध्यान केन्द्रित नहीं कर पाते जिससे कोई भी काम न तो समय से पूरा होता है न ही ठीक से होता है, जैसे - पढ़ाई, नौकरी या हम कोई भी दूसरा काम हो उस पर हमारा ध्यान केन्द्रित ही नहीं होता.




        तो आखिर ध्यान को कैसे केन्द्रित किया जाय और किस प्रकार आज में जिया जाय-


        बीते हुए समय को महत्व देना छोड़ दें और आज का महत्व समझे- हमे समझना होगा की जो समय बीत गया वो लौटकर नहीं आता अत: उसका अब कोई महत्व नही है जो भी चीजे बीते कल में हुई उनमे से जो आज आपको काम आ सकती हैं जैसे कोई ज्ञान, experience आदि उनको इस्तेमाल करें और बाकि फालतू की चीजो को छोड़ दें. अक्सर कुछ बाते दिमाग में चिपक जाती हैं और हटने का नाम नहीं लेती,उन्हें अभ्यास द्वारा  दिमाग से हटाया जा सकता हैं,जैसे ही कोई बात दिमाग में आये तुरंत उस बात पर ध्यान दे की मैं क्या सोच रहा हूँ, फिर जो भी काम आप कर रहे है उस पर ध्यान देने की कोसिस करें, 



     विचार आपके दिमाग में बार- बार आते रहेंगे हर बार आप मुस्कराकर फिर से अपना ध्यान अपने काम पर केन्द्रित करने की कोशीश कीजिये. सुरुआत में आप किसी चीज का इस्तेमाल कर सकते है जैसे अलार्म, या घर में रखी हुए कोई चीज( जैसे ही उस चीज पर आपकी नजर जाय तुरंत सोचना बंद कर अपने काम पर ध्यान केन्द्रित करें). मै इसके लिए कुछ दूर पर स्थित मन्दिर और चर्च की घंटियों का इस्तमाल करती हूँ जैसे ही थोड़ी थोड़ी देर बाद घंटियाँ बजती है मैं उसकी आवाज से खुद को काम पर ध्यान केन्द्रित करने की याद दिलाती हूँ. इस प्रकार आप भी किसी आवाज, वस्तु, फ़ोन आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं.




       इसी प्रकार भविष्य की कल्पनाये, जिसमे हम बड़े सपने देखने, ढेर सारे पैसे कमाने, famous होने, गाड़ी, बंगला आदि आदि के बारे में खोये रहते हैं, जब भी कोई काम सुरु करते हैं तो उसकी बड़ी सफलता के बारे में सोचने लगते हैं और हमारा पूरा ध्यान काम से हटकर कल्पनाओं में चला जाता है जिससे काम पर बिपरीत असर पड़ता है और हम सामान्य सफलता भी हासिल नहीं कर पाते. 


    अत: हमे इस तरह की कल्पनाओं से छुटकारा पाकर सिर्फ काम पर ध्यान देना होगा यदि हम काम पर ध्यान देंगे और पूरी मेहनत से उसे करेंगे और खुद को हर दिन बेहतर करते जायेंगे तो खुद व खुद हम अपने काम में तरक्की करने लगेगे. यह तभी सम्भव हो पायेगा जब आप अपने काम को ही मुख्यत: महत्व देंगे और अन्य भौतिक चीजो जैसे पैसा आदि को आवश्यकता से अधिक महत्व नही देंगे.




                                                      

Saturday, December 9, 2017

प्रेरक पोस्ट चिंता छोड़ दें और आगे बढ़ें/ leave stress and to progress

"ख़ुश रहना एक विकल्प है. आप खुस रहना चुन सकते हैं. जिन्दगी में तनाव आता रहता है, लेकिन यह आपकी choice है की आप इसे खुद को प्रभावित करने देते हैं या नहीं." 
     
  "Happiness is a choice. You can choose to be happy. There's going to be stress in life, but it's your choice whether you let it affect you or not."  
                                                                           -Valerie Bertinelli
                                                             

  hello friends

                             कल मैंने अखवार में एक लेख पढ़ा, जिसमे एक शोध के अनुसार पाया गया कि जिन बच्चों के माँ बाप अपने बच्चों पर प्यार नहीं जताते व हर बात पर उन्हें डांटते रहते है ऐसे बच्चों में आत्महत्या की गूंजाइस उन बच्चो की तुलना में काफी अधिक होती है जो बच्चे अपने माता-पिता से भरपूर प्यार पाते हैं और उनका support पाते हैं.


दोस्तों हमारे देश में हर साल सैकड़ों हजारों की संख्या में युवा, छात्र, किसान और महिलाएं आदि आत्महत्या कर देते हैं जो बहुत ही दुःख और शर्म की बात है, सोचकर बहुत अफ़सोस होता है की जो मानवीय संसाधन हमारे देश की सबसे बडी ताकत है और जिसके कारण हम दुनिया में खुद को एक शक्तिशाली देश, ताकतवर देश और एक युवा देश के तौर पर देखते हैं अगर वही ताकत इस प्रकार  व्यर्थ चली जाय तो यह किसी भी देश या समाज के लिए एक कलंक से कम नहीं है.


यदि युवाओं और बच्चो की बात करें, तो आत्महत्या जैसे कदम आखिर उन्हें क्यों उठाने पड़ रहे हैं, क्यों बच्चो में ये नकारात्मकता फ़ैल रही है, क्यों बच्चे अपनी समस्याओं को अपने माता-पिता के साथ share नहीं करते, social networking sites पर आजकल सैकड़ो हजारों friends होने के बावजूद युवा खुद को अकेला क्यों समझने हैं, क्यों उनके और उनके माता-पिता, दोस्तों के बीच इतनी दूरियां आ गयी हैं की वे अपनी कोई भी समस्या अपने माता पिता या दोस्तों से शेयर नहीं करते और उससे खुद ही जूझते  रहते हैं और धीरे-धीरे अवसाद में जाकर आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं,

क्यों हो रहे हैं बच्चे और युवा अवसाद का शिकार

आजकल की व्यस्त जिंदगी में हर किसी के पास समय की कमी है या यूं कहे की हम समय को बर्बाद कर समय की कमी का रोना रोते हैं, आजकल social साइट्स जैसे फेसबुक, whats app, twitter, youtube etc.... पर कितना समय बर्बाद कर देते हैं कुछ पता ही नही चलता और फिर जो जरूरी काम हैं उनके लिए पर्याप्त समय नही बचता, और यही आदते युवाओ को अवसाद की तरफ ले जाती हैं, इसके साथ ही बच्चों पर अच्छे अंक लाने का, प्रतियोगिता का और अच्छे performance  का हमेशा दबाव बना रहता है, जिससे युवा कहीं न कहीं अपने लक्ष्यों, उदेश्यों, और अपने मकसद को पाने में नाकाम हो रहें हैं जिसके कारण उनमें नकारात्मकता की भावना पनप रही है, यहाँ तक की कुछ युवाओं  के लिए छोटी छोटी नौकरी और थोडा सा पैसा कमाना भी  सपने जैसा हो जाता है, इस प्रकार उनके लिए जिंदगी बोझ जैसी हो जाती है.




क्या हैं उपाय

         
1. समस्या का कारण जाने-

 इस स्थिति से बचने के लिए सबसे पहले समस्या के कारण को जानना जरूरी है किसी भी समस्या का समाधान तभी हो सकता है जब उसका कारण हमे पता हो, कारण को जानकर जो भी उसका बेहतरीन समाधान हो उसे करे, यकीनन यदि किसी भी समस्या का समाधान हो जाय तो उससे सम्बन्धित चिंता अपने आप समाप्त हो जाती है.




2. बिना डरे अपनी समस्याओं का सामना करें--


अक्सर एक अनजाना डर हमे समस्या का सामना करने से रोकता है और हमे काम को टालने और भूलने के लिए मजबूर करता है जैसे हम कोई नया बिज़नस सुरु करना चाहते हैं लेकिन हमे डर लगता है की कहीं हम उसमे असफल न हो जायं, यही डर हमे कुछ नया करने से रोकता है, इस डर का सामना कीजिये और अपना काम तुरंत सुरु कीजिये उम्मीद कीजिये आप सफल होंगे साथ ही यह भी ध्यान में रखें की असफल भी हो सकते है तो अपने दिमाग को असफलता को सहने के लिए भी तैयार रखें. फिर उन असफलताओ का सामना करें उनसे सीखे  और आगे बढ़ें.






3.आज में जीना सीखें- 

अक्सर हम कोई भी काम सुरु करने से पहले ही उसके बारे में बड़े-बड़े सपने देखने लगते हैं और हमारा पूरा ध्यान बड़ी बड़ी सफलताओं और भविष्य  पर केन्द्रित हो जाता है और हम वास्तविकता से कट जाते हैं फिर हम काम तो बहुत कम करते हैं लेकिन उम्मीदे बहुत ज्यादा करने लगते हैं, जिससे काम पर फोकस न करना हमारे काम को बिगाड़ देता है, अत: आज और अभी के काम पर फोकस करें और भविष्य की चिंता करना छोड़ दें, आज का काम बेहतर होगा तो कल अपने आप अच्छा हो जायेगा.





4.लगातार नया सीखते रहें--


कुछ नया सीखते रहने से व्यक्ति active बना रहता है साथ ही साथ नया सीखते रहने से नये नये अवसर खुलते रहते हैं , इससे व्यक्ति व्यस्त रहता है जिससे फलतू की चिंता परेसान नही कर पाती.





5. माता-पिता की है अहम भूमिका- 


किसी भी बच्चे के जीवन पर उसके माता पिता का बहुत प्रभाव पड़ता है , माता पिता का व्यवहार, उनका आपस में सामंजस्य, बच्चो से उनका व्यवहार, उनका daily  रूटीन ,उनका काम हर चीज बच्चो पर अपना प्रभाव डालती है जो माता पिता अधिक व्यस्त रहते हैं और अपने बच्चो को पर्याप्त समय नही दे पाते उनके बच्चे अकेलापन महसूस करने लगते हैं, अत: माता पिता को चाहिए की अपने बच्चो के लिए पर्याप्त समय निकाले, उनके साथ बैठे, बाते करें, हंसी मजाक करें, उनकी समस्याओं को सुने और उन्हें सुलझाने में अपने बच्चो की मदद करें.


     पोस्ट पर अपने कमेंट अवश्य लिखें. 



प्रेरक कहानियाँ पढने के लिए नीचे क्लिक करें..


हिंदी कहानी, खुद की नजरों में विजेता कैसे बने