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Friday, August 10, 2018

Independence day India in hindi/ Are we really Independent in hindi

                                                                                     

सबसे पहले आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की सुभकामनाये,

हमारे देश को आजाद हुए 70 साल से ज्यादा हो चुके हैं, बाहरी ताकतों से तो देश आजाद हो गया है, लेकिन क्या हम फिर भी स्वतंत्र हैं? 1947 से पूर्व की गुलामी से तो हम मुक्त हो गये हैं लेकिन क्या हम फिर भी स्वतंत्र है?

हम सब जानते हैं किस तरह देश के वीरों ने हमे आजादी दिलाई, खुद के जीवन को कुर्बान करके देश को बाहरी ताकतों से मुक्त करा गये, उन्होंने अपना कर्तव्य निभाया और बहुत अच्छे से निभाया,

उनके पास भी विकल्प था वे भी गुलामी स्वीकार कर खुद की जिन्दगी बचा सकते थे, लेकिन उन्होंने गुलामी स्वीकार नहीं की, क्योंकि उन्होंने देश के लिए कुछ और ही कल्पना की थी, एक आजाद भारत की, एक खुशहाल भारत की, एक विकसित भारत की, एक अखंड भारत की, एक अमीर भारत की, एक शक्तिशाली भारत, एक महान भारत की.

वे जानते थे यदि देश विदेशी जंजीरों से मुक्त हो गया तो हम भारतीय अपने देश को समृद्ध कर सकते हैं, क्योंकि विदेशी ताकतें हमारे देश को खोखला कर अपनी  तिजोरियां भर रही थी, जो की हमारे देश के विकास में बाधक था, अत: देश के हित के लिए विदेशियों की जकड़ से मुक्ति जरूरी थी, अत: हमारे वीरों ने अपने आप को, अपनी जिन्दगी, अपनी खुशियों को कुर्बान कर दिया और अंत में देश को आजाद करा गये.

लेकिन फिर सवाल वही है क्या हम आजाद हैं? या हम आज भी गुलाम हैं!


हाँ हम किसी विदेशी ताकत के गुलाम तो नहीं हैं, लेकिन कुछ और हैं जो हमे आज भी जकड़े हुए है, कुछ और हैं जिसके हम आज भी गुलाम हैं, कुछ और है जिससे हमे आजादी चाहिए!

और वो है हमारी संकुचित मानसिकता! क्या हम मानसिक तौर पर अदृश्य जंजीरों से जकड़े हुए नहीं है?

चलिए खुद को परखते हैं की हम कितने आजाद है, और कौन से बाधायें हैं जो हमारे देश के विकास में अड़चने पैदा कर रहीं है,



1.जातिवादी मानसिकता -

क्या आज भी देश में जातिगत भेदभाव नहीं है? क्यों आज भी लोग जाति के आधार पर संघठन बनाते हैं? क्यों आज भी किसी भी जाति के लोगों द्वारा दूसरी जाती के लोगों को नीचा दिखाया जाता है? क्यों लोग किसी को खुद की जाति का मान लेने पर गलत का भी साथ देते हैं? क्यों लोग दूसरी जाति वाले सही इन्सान का भी साथ नहीं देते? क्यों जाति के नाम पर सडकों पर उतरते हैं और सरकारी सम्पति को नुक्सान पहुचाते हैं?

क्यों देश से बढकर एक जाति हो जाती है? क्यों आज भी देश में मानसिक तौर पर समानता नहीं है? क्यों आज भी राजनीतिक पार्टियाँ जाति के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकने में कामयाब हैं? और क्यों आज भी लोग जाति के आधार पर वोट कर रहे हैं?

क्यों? क्यों? क्यों?........

इन सारे क्यों का मेरे पास कोई जवाब नहीं है, लेकिन इतना यकीन है की यदि हमारा देश इस मानसिकता से मुक्त हो गया तो देश में एक बहुत बड़ी क्रांति आ जाएगी, देश में एकता और परिवर्तन की लहर दौड़ जाएगी, यकीनन हम विकास की राह पर तेजी से दौड़ने लगेंगे,

यदि सभी लोग हमेशा से संगठित होते तो कोई भी विदेशी कभी भी हमारे देश पर राज नहीं कर पाता, कोई आक्रमण करने की भी हिम्मत नहीं कर पाता और जीतने में सफल होना तो बहुत दूर, यदि आज भी हम संगठित न हुए तो इसका फायदा भी दूसरे देश उठाएंगे या उठा रहे हैं,

चलिए एक जंजीर (जातिवादी मानसिकता) से बाहर निकलकर खुद को थोडा और आजाद करते हैं.



2.धार्मिक नफरत -

कहीं हम धार्मिक नफरत के शिकार तो नहीं हैं? अगर कोई आपसे धार्मिक वजह से नफरत करे तो कोई बात नहीं लेकिन कहीं आप तो किसी से धार्मिक वजह से नफरत नहीं करते?

अगर ऐसा है तो सजग हो जाये, आप उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते जिससे आप नफरत करते हैं लेकिन आप खुद को कितना नुकसान पहुचा रहे हैं उसका आपको शायद अंदाजा नहीं है, जिस वक्त आप किसी से नफरत करते हैं उस समय आपकी मानसिक स्थिति कैसी होती है?, जरा महसूस करें, आपके अंदर कितनी नकारात्मकता होती है? आप कितने नाखुस होते हैं? आपके अंदर कितनी असंतुष्टि होती है? और ये सब आपकी आंतरिक शांति या मन की शांति को किस तरह नष्ट कर देते हैं जरा गौर करें,

नफरत चाहे धार्मिक हो या कैसी भी हो वो नफरत करने वाले के मन को बीमार कर देती है और उसको एक अनजाने दुःख में धकेल देती है ऐसा दुःख जो वह खुद के लिए खुद चुनता है.

धार्मिक नफरत केवल किसी व्यक्ति के लिए ही घातक नहीं है बल्कि देश की एकता में भी बाधक है, जो लोग धार्मिक नफरत फैलाते हैं वो देश के सबसे बड़े दुश्मन हैं, जब लोग धार्मिक तौर पर लड़ते रहते हैं तो देश की तरक्की धीमी हो जाती है, और जब देश में हर तरह से एकता होती है तो देश के लोग मिलकर देश का विकास करते हैं, आप क्या चाहते हैं देश की तरक्की में रोड़ा बनना या देश के विकास में योगदान करना?

यकीनन आप देश के विकास में योगदान करना चाहेंगे तो तुरंत ही अपने आप को इस दूसरी गुलामी की जंजीर से मुक्त कर दीजिये.



3.सीमित सोच -

किसी भी देश के विकास में उसके युवाओं का बहुत बड़ा योगदान होता है और फिर भारत के लिए तो यह एक बहुत बड़ी opportunity है क्योंकि देश की एक बहुत ही बड़ी आवादी युवा है, यदि सारे युवा देश हित में मिलकर काम करें तो देश को तरक्की की किन ऊंचाइयों पर पहुचा सकते हैं इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है, लेकिन फिर एक और बाधा, एक और जंजीर आड़े आती है और वह है - सीमित सोच!

विकसित देशों में जहाँ बच्चे बहुत छोटी उम्र से नई-नई चीजें सीखने लगते हैं, नये experiment करना, नये business करना, खुद से कमाना आदि, जबकि हमारे देश में युवा एक बड़ी उम्र तक अधिकतर चीजों के लिए अपने माता-पिता पर निर्भर करते  है, कोई भी नया काम करने से हिचकते हैं, किसी भी failure से डरते हैं, कोई गलती न कर दें इसलिए कोई काम करने से बचते हैं, जो काम सब कर रहे होते है वही करने लगते हैं, अधिकतर युवा या बच्चे रिस्क लेने से डरते हैं और एक comfort zone में अपने आप को महफूज रखते हैं और फिर उससे बाहर नहीं निकलना चाहते,

यहाँ लोगों पर सफलता की इच्छा से ज्यादा लोग क्या कहेंगे वाली मानसिकता हावी रहती है, जो तरक्की में सबसे बड़ी बाधा है, न सिर्फ एक व्यक्ति की तरक्की में बल्कि पूरे देश के विकास में बाधक है.

यकीनन देश के विकास के लिए जरूरी है की देश का हर युवा अपनी सोच का विस्तार करें, सीमित सोच के दायरे से बाहर निकले, अपने comfort Zone से बाहर निकले और नये रिस्क ले, नये कामों में हाथ अजमाए, किसी भी तरह के डर से बाहर निकले और अपनी योग्यता के दम पर नई ऊंचाइयों को छुए,

              Read...5 step to be successful in hindi/ सफलता पाने के स्टेप


4. राजनीतिक हस्तकक्षेप -

आजकल बहुत से लोगों की जिन्दगी में राजनीतिक हस्तकक्षेप कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है, अधिकतर लोग खुद को एक राजनीतिक पार्टी से जुडा हुआ मान लेते हैं और फिर राजनीतिक बहस का कोई अंत ही नहीं होता, लोग किसी पार्टी के समर्थन में खुद के भाई, दोस्तों, परिवार आदि से लड़ रहे होते हैं. सोशल मीडिया पर तो यह बहस हर समय चलती रहती है,

अफ़सोस तो तब होता है जब लोग जिस पार्टी के समर्थक होते हैं उसके गलत करने पर भी उसका समर्थन करते हैं और दूसरी पार्टी के सही करने पर भी उसका विरोध करते हैं,

हमें लोकतंत्र का सही मतलब समझना होगा, जब हर सही निर्णय का समर्थन होगा और हर गलत निर्णय का बिरोध, चाहे वह निर्णय कोई भी पार्टी ले, तभी सही मायने में देश सही दिशा में सही गति से आगे बढ़ पायेगा, वरना राजनीतिक पार्टियाँ लोगों को आपस में लड़ाकर अपना फायदा देखती रहेंगी.

लोकतंत्र में हमे किसी पार्टी का हिस्सा बनने की जरूरत नहीं आप किसी पार्टी के नहीं देश हित के समर्थक हैं, जो देश हित करेगा हमें उसी के साथ खड़े होना है, और उतनी ही देर तक उनके साथ रहना है जब तक वो देश हित करते रहेंगे.

तो चलिए इस एक और गुलामी की जंजीर से भी खुद को आजाद करते हैं और देश के सच्चे हितैषी बनकर सही का साथ देते हैं,



इन सबके आलावा भ्रष्टाचार, अपराध, आतंकवाद, क्षेत्रवाद, गरीबी, बेरोजगारी, भूखमरी, बढती जनसंख्या, जरूरी संसाधनों(पानी, बिजली, हॉस्पिटल, यातायात के साधन आदि) की कमी, चारों तरफ फैली गंदगी और भी बहुत सी जंजीरे जिनसे अभी देश को आजादी दिलानी है,




हम अपनी भावी पीढ़ी के लिए क्या छोडके जाये-

हमें खुद सोचने की जरूरत है, यदि हमारे पूर्वजों ने भी हमे अंग्रेजो से आजाद नहीं कराया होता तो हम किस तरह गुलामी में जी रहे होते, उन्होंने हमे आजाद भारत दिया जिसमे हम खुद के निर्णय लेने, कहीं भी घूमने, अपनी सरकार चुनने, अपनी बात रखने आदि बहुत सी चीजों के लिए स्वतंत्र हैं,

अब हमारा कर्तव्य है की अपनी भावी पीढ़ी के लिए हम भी कुछ करके जाएँ, हमें सोचना है हम आने वाले नये भारत के लिए क्या छोडके जाने वाले हैं, वही गरीबी, नफरत, भ्रष्टाचार, गंदगी, हिंसा या फिर एक खुशहाल भारत, सम्पन्नता, सहयोग, एकता, समृद्धि और विकसित भारत.



थोडा सा मानसिकता में बदलाव की जरूरत है-


यदि हर व्यक्ति अपनी मानसिकता में थोडा सा बदलाव करदे, थोडा सा हम ज्यादा सकारात्मक हो जाये तो देश में अपराध, नफरत, गरीबी, हिंसा और हर तरह की नकारात्मकता धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी, थोडा सा राजनेता बदल जाएँ, थोडा सा मीडिया, थोडा सा जनता, थोडा सा सरकार, थोडा सा कर्मचारी, थोडा सा स्टूडेंट, थोडा सा युवा, शिक्षा व्यवस्था बदल जाये, तो देश में क्रांति आ जाएगी और देश एक नये युग खुशहाली की तरफ बढ़ जायेगा.



चलो एक खुशहाल भारत बनाते हैं,

चलो एक सपनों का भारत बनाते हैं, एक ऐसा भारत जहाँ सब मिलझुल कर रहते  हों, कोई धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, सम्प्रदाय आदि किसी भी आधार पर कोई किसी से नफरत न करे,

जहाँ कोई गरीबी न हो, जहाँ कोई भिकारी न हो, जहाँ कोई भ्रष्टाचार न हो, कोई ट्राफिक जाम न हो, चौड़ी- चौड़ी सडकें हों, हर तरफ साफ सफाई हो, लोग योग्यता के आधार पर अपने नेता चुने न की जाति या धर्म के आधार पर,

लोग दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार हो, हॉस्पिटल आदि मूलभूत सुविधाओं की कोई कमी देश में न हो, शिक्षा व्यवस्था उच्च कोटि की हो, जहाँ बच्चों को व्यवहारिक और practical ज्ञान ज्यादा दिया जाता हो, बेरोजगारी न हो,

हर युवा अपनी योग्यता को पहचाने और उसी के आधार पर अपना करियर चुने,  पूरे उत्साह से आगे बढ़े और सफल हो,



यदि हम एक खूबसूरत भारत चाहते हैं तो हमें बदलाव की सुरुवात खुद से करनी होगी, खुद को हर दिन थोडा सा बदले तो धीरे धीरे पूरा देश बदल जायेगा,

हम दूसरों को force नहीं कर सकते की वे बदलें लेकिन सबसे आसान काम जो हम कर सकते हैं वो है खुद को बदलने का. चलो थोडा सा ज्यादा खुश हो जाएँ, थोडा और दयालु हो जाये, थोडा और सकारात्मक हो जाये, थोडा और साहसी, थोडा और आत्मविश्वासी, थोडा और मदद करने वाले,

थोडा और सफाई रखने वाले, थोडा और एकता से रहने वाले, थोडा और स्वस्थ, अपने काम में थोडा और समर्पित, थोडा और समझदार, थोडा सोशल मीडिया, टीवी, मोबाइल आदि पर कम समय बर्बाद करें,

यही थोडा सा बदलाव देश में बड़े बदलाव को ले आएगा और देश एक नई दिशा में तरक्की के तरफ अग्रसर होगा.



Conclusion

दोस्तों हम कब तक सुंदर पिचाई, लक्ष्मी मित्तल, सत्या नाडेला, इंद्रा नुई, आदि नामों से खुस होते रहेंगे, जो भारतीय मूल के तो हैं लेकिन विदेशो में सही माहौल मिलने के कारण सफल हुए हैं,

मैं उस भारत की कल्पना करती हूँ जब हमारे ही देश में भी योग्यता की कद्र की जाएगी, जब सुंदर पिचाई जैसे लोग भारत में ही अपनी सेवाएं देना पसंद करेंगे, सिर्फ भारतीय ही नही, विदेशी भी हमारे देश में आकर अपनी योग्यता पहचानेंगे, जैसे विभिन्न देशों के talented लोग यूरोप, अमेरिका आदि देशों में जाकर खुद को साबित करते हैं, जब विदेशों के talented student भारत में आकर पढ़ने के लिए उत्साहित होंगे, जैसे वे विकसित देशों में जाने के लिए उत्साहित होते हैं,

जब चारों तरफ शांति होगी, खुशहाली होगी, सम्पन्नता होगी, development होगा, स्वच्छता होगी और हर मूलभूत सुविधा होगी,

लोग छोटी सोच, जातिवादी मानसिकता, धार्मिक झगड़े, सम्प्रदाय आदि छोटी और तुच्छ चीजों में अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहेगे, बल्कि हर तरह से खुद को बेहतर करने में और देश के विकास में सहयोग करने के लिए तत्पर रहेंगे,

फिर हमारे देश में सिर्फ सम्पन्नता, खुशहाली, समृद्धि, विकास होगा, और हम विकास में यूरोपीय देशों से आगे निकल जाएंगे, और हर सही मायनों में विश्व गुरु बन जायेंगे. मैं तो ऐसे भारत की कल्पना करती हूँ, आप अपने देश को कैसा देखना चाहते हैं comment में जरूर बताएं,


जरूर पढ़ें...

Friday, August 3, 2018

how I use Affirmation for positive mindset in hindi/Affirmation in hindi

                                  क्या हैं आत्म सुझाव



Affirmation वो powerful Positive वाक्य होते हैं जो हमारी सोच पर सकारात्मक प्रभाव डालकर हमारे मस्तिष्क का नवीकरण करते हैं,

दरअसल Affirmation खुद की मानसिकता में परिवर्तन करने का एक तरीका है, जिससे खुद को ज्यादा Positive, Energetic और उत्सुक बनाया जा सके और खुद की नकारात्मक आत्म छवि (Self Image) को सकारात्मक बनाया जा सके.



क्या हैं आत्म छवि

आत्म छवि हमारा खुद को देखने का नजरिया है, कि हम खुद को किस रूप में देखते हैं, यदि हम खुद को आत्मविश्वासी, समझदार, talented, उत्सुक और भविष्य के प्रति आशावादी आदि के रूप में देखते हैं तो हमारी आत्म छवि सकारात्मक है, लेकिन यदि हम खुद को निराश, डरा हुआ, आत्मविश्वास की कमी, भविष्य के प्रति निराशावादी आदि के रूप में देखते हैं तो हमारी आत्म छवि नकारात्मक है,



कैसे बनती है आत्म छवि 

बचपन से ही  हमारे दिमाग पर समाज, परिवार, दोस्तों, स्कूल, पड़ोस, टी.वी., सोशल मीडिया, हमारी सफलता असफलता और हर चीज जो हम experience करते हैं, से प्रभाव पड़ता है, जिससे खुद के बारे में हमारी एक सोच बन जाती है,

यह आत्म छवि सकारात्मक भी हो सकती है और नकारात्मक भी, सकारात्मक आत्म छवि यानि की खुद के बारे में हमारी एक अच्छी सोच और आत्मविश्वास  (कि मैं सफल अवश्य होऊंगा, मैं कोई भी काम कर सकता हूँ, मेरे लिए सब सम्भव है, मैं सक्षम हूँ यानि खुद पर पूर्ण विश्वास) 

या खुद के बारे में नकारात्मक सोच (खुद पर विश्वास न होना, किसी भी काम को करने में डर कि कहीं मैं fail हो गया तो, मैं सफल नहीं हो पाउँगा, आदि..) 

लेकिन कितने लोग हैं जो अपने बारे में सकारात्मक आत्म छवि रखते हैं, बहुत ही कम, बाकि के लोग विभिन्न असफलताओं, विभिन्न निराशाओं, लोगों के बुरे व्यवहार आदि से हीन भावना का शिकार हो जाते हैं, और खुद के बारे में नकारात्मक हो जाते हैं उनका खुद पर विश्वास कम हो जाता है और वे भविष्य के लिए भी निराश ही महसूस करते है,



क्यों किया जाता है affirmation

देखिये जब आपका विश्वास होता है की कोई काम आप कर पाएंगे तो आप उसे करने में सक्षम होते हैं, और जब आप सोचते हैं की वह काम बेहद मुश्किल है मैं नहीं कर पाउँगा, तो फिर वह आपके लिए असम्भव हो जाता है,

विश्वास जितना बड़ा होता है सफलता मिलने के chances उतने ही अधिक होते हैं, यदि विश्वास नहीं है तो फिर सफलता भी कोसों दूर रहती है,

AFFIRMATION इसी विश्वास को पाने का या बढ़ाने का एक शानदार तरीका है, जिससे खुद के बारे में हम अपनी सोच को पूर्णत: परिवर्तित कर दें और एक सकारात्मक आत्म छवि बना दें की हमारा खुद पर विश्वास इतना मजबूत हो जाये की मैं कोई भी काम करने में सक्षम हूँ.


भविष्य में आप खुद को जैसा देखना चाहते हैं Affirmation में आप खुद से उसी के according communicate करते हैं, जैसे आप खुद को अमीर देखना चाहते हैं तो आप कहेंगे 'मैं बहुत अमीर हूँ', पैसा कमाना मेरे लिए बहुत आसान है या मेरे पास बहुत सारा पैसा है आदि.

इसी प्रकार health, relation, career, happiness आदि से related affirmation से आप वैसे ही बन सकते हैं जैसे आप बनना चाहते हैं,

जैसे मैं स्वस्थ हूँ, मैं खुश हूँ, मैं सफल और अमीर हूँ आदि...



कैसे करें affirmation

मैं आज आपको affirmation करने के वो तरीके बताउंगी जो मैं खुद को हमेशा सकारात्मक, खुश और भविष्य के प्रति सकारात्मक रहने के लिए  प्रयोग करती हूँ,

पहला तरीका ---  मैं हर सुबह उठकर सबसे पहले affirmation करती हूँ, सुबह दिमाग शांत होता है लेकिन जैसे ही हम उठते हैं दिमाग में तरह तरह के विचार आने लगते हैं, इन विचारों को कुछ समय के लिए रोककर तुरंत affirmation सुरु कर देती हूँ,

मैं हर affirmation को लगभग 7-8 दोहराती हूँ, साथ ही दोहराने के साथ साथ visualize भी करती हूँ, Visualize मतलब जो affirmation हम कर रहे हैं खुद को उसी रूप में देखना, जैसे मैंने एक वाक्य बोला कि 'मैं स्वस्थ हूँ,' तो मैं खुद को देखती हूँ की मैं शरीर, मन और मस्तिष्क से पूरी तरह स्वस्थ हूँ. 

आप कोई भी affirmation कर सकते हैं, यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो स्वास्थ्य से सम्बन्धित Affirmation, यदि खुस रहना चाहते हैं तो उसी से related, या करियर आदि से related affirmation, ये आप पर है की आप अपने आप से क्या चाहते हैं,


क्लिक here...कैसे करें Affirmation, 24 AFFIRMATION जो जिंदगी बदल देंगे,


वही affirmation जो आप सुबह करते हैं, शाम को सोने से पहले भी अवश्य करें, रात को आप सोने से पहले वो विचार अपने मन में डाल देते हैं जो आपके मन मस्तिष्क में दृढ़ता से गढने लगते हैं. और जब आपका मन धीरे-धीरे उन्हें स्वीकार करने लगता है और आपको वही बनने में हर सम्भव कोशिस करता है.

दूसरा तरीका --- 

दोस्तों यह तरीका आपको किसी और ने नहीं बताया होगा, क्योंकि यह मैंने खुद से सुरु किया है, और मेरे लिए ज्यादा असरदार है, 

इस तरीके में मैं हर दिन के लिए एक Affirmation या कोई भी एक सकारात्मक वाक्य चुन लेती हूँ,

जैसे मैंने चुना 'आज मैं दृढ संकल्प हूँ जो काम करना है तो करना है' फिर चाहे जो हो जाये मैं अपना हर काम तुरंत पूरा करती हूँ और दिन में जितनी बार हो खुद को याद दिलाती हूँ की हर काम तुरंत करना है, इससे मेरा पूरा फोकस उसी काम पर आ जाता है,

इसी प्रकार किसी दिन चुनती हूँ 'आज मैं बहुत खुस हूँ' फिर पूरा दिन ख़ुशी से जीती हूँ या Today I am Boost, Active and Energetic.. और उसी की according react करती हूँ.

इस तरीके में आपको दिन भर खुद को याद दिलाना होता है की आज का आपका क्या प्रण हैं और फिर उसी ओर आप अपनी सोच मोड़ देते हैं, इससे आप अपने दिमाग को धीरे- धीरे अपने नियन्त्रण में कर लेते हैं और आपके दिमाग में नकारात्मक बाते हावी नहीं हो पाती हैं.

इस तरीके में आपको हर दिन अलग अलग बाते खुद पर लागू करनी होती है अत: इसमे आपको बोरियत नहीं आती बल्कि Excitement रहता है की आज क्या नया किया जाये.

आप कुछ और वाक्य इस प्रकार चुन सकते हैं...

1. आज मैं अपने काम में बहुत ही focused हूँ,

2. आज मैं सब लोगों में सिर्फ अच्छाई देखने वाला हूँ,

3. आज मेरा अपनी सोच पर पूर्ण नियन्त्रण है,

4. मैं हर समय कुछ सीखने के लिए तैयार हूँ,

5. मैं बहुत सफल और अमीर हूँ,

6. आज मैं बहुत peaceful हूँ,
    etc.......
और पूरे दिन आपको उसी सोच पर फोकस करना हैं जो आप उस दिन के लिए चुनते  हैं,


चलो आज में जीते हैं 

दोस्तों जिन्दगी को बेहतर ढंग से जीने का एक खूबसूरत तरीका है-- 'एक-एक दिन के आधार पर जीना'  
यानि की आज में जीना,

जब भी हमें कोई बड़ा बदलाव करना होता है, या कुछ बड़ा हासिल करना होता है या किसी बड़ी समस्या का समाधान करना होता है, तो उसे एक दिन में नही किया जा सकता, उसके लिये शायद हमे कुछ हफ्ते लगें या कुछ महीने या फिर कुछ साल लग जाएँ,

जैसे आपको किसी लक्ष्य को हासिल करने में 5 साल लग सकते हैं, यदि आप सिर्फ ये सोचते रहें की कैसे मैं  सालों तक इसके लिए तैयारी करूंगा, या आपके घर में कोई लम्बे समय से बीमार है तो आप सोचते रहें की कैसे मैं सालों तक इनकी सेवा करूं, तो ये आपके हौसलों को तोड़ देगा और आप निराशा से भर सकते हैं,

इसके विपरीत आपको एक दिन के आधार पर जीना होगा, मैं अपने लक्ष्य की तैयारी करूंगा एक एक दिन करके, मैं अपने बुजुर्ग दादा- दादी की सेवा करूंगा एक एक दिन करके, मैं अपनी आद्ते बदलूँगा एक एक दिन करके.

आपको हर सुबह उठकर उस दिन के लिए मुस्कराहट के साथ तैयार होना है, आपको आज के लिए वो सारी शक्ति, ऊर्जा और उत्साह मिला है जो आपके आज को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है,

अब ये शक्ति ऊर्जा आपके दिन भर में आपका साथ कैसे देगी इसके लिए आपको हर दिन के लिए एक Affirmation या एक Positive वाक्य चुनना होगा और फिर पूरे दिन वह सकारात्मक वाक्य आपको शक्ति प्रदान करेगा और आपको अपने लक्ष्य के एक कदम और नजदीक ले जायेगा.

सोचिये यदि आप खुद भी हर दिन एक सकारात्मक वाक्य अपनाते हैं और अपने घर के बच्चों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं तो जिन्दगी में कितना बड़ा बदलाव आ सकता है और यदि आप एक शिक्षक हैं तो इसे अपने स्टूडेंट को अपनाने के लिए प्रेरित करें,


क्या हैं इसके फायदे 

1. दिमाग का आपपर नहीं, आपका दिमाग पर नियन्त्रण होने लगता है.

2. आपकी जिन्दगी में सकारात्मक बदलाव की सुरुआत.

3. नकारात्मकता आपसे दूर होने लगती है,

4. परिस्थितियों को देखने का आपका नजरिया बदलने लगता है,

5. अपने काम में आप ज्यादा फोकस होने लगते हैं,

6. आप ज्यादा खुश और आत्मविश्वासी हो जाते हैं,

7. अपने काम के प्रति ज्यादा dedicated हो जाते हैं,

8. भविष्य के प्रति ज्यादा सकारात्मक हो जाते हैं,

आपके काम में, सोच मे, रिश्तों में, नजरिये में सकारात्मक बदलाव आने लगता है और धीरे धीरे आप एक भिन्न व्यक्ति बन जाते हैं, एक ऐसा इन्सान जैसा आप हमेशा से बनना चाहते थे.

ये भी पढ़ें...what is affirmation and how it work in hindi, क्या है affirmation और कैसे काम करता है


CONCLUSION 

यकीनन सकारात्मक Affirmation आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं, जिससे आप न सिर्फ आज बल्कि भविष्य के प्रति ज्यादा आशावादी, उत्सुक और सकारात्मक होते हैं, सही Affirmation आपके जीवन को सही दिशा की ओर मोड़ते हैं और आपको अपने लक्ष्यों तक पहुचना ज्यादा आसान लगता है, आप अपनी एक अच्छी आत्म छवि और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं और आपके लिए जीवन ज्यादा खूबसूरत हो जाता है.


Sunday, September 10, 2017

how can I change my life in hindi/ अपनी सोच कैसे बदलें

"यदि आप अपनी आदतें बदलते हैं, तो आपकी जिन्दगी बदल जाएगी,
अन्यथा यह वैसी ही रहेगी जैसे पहले थी."
                                                           -संदीप महेश्वरी 







जिन्दगी में बदलाव बहुत जरूरी है बिना बदलाव के जिन्दगी  एक ही जगह पर सिमट जाती है और बहुत उबाऊ हो जाती है अत: जिन्दगी में इस प्रकार बदलाव किये जा सकते हैं ---





    1. अपने पुराने गलत विश्वासों को त्याग दें-

       पुरानी असफलताओं को भूलकर आज पर focus करें. आज में जियें. याद रखें अगर आप किसी exam में कभी fail हुए थे इसका मतलब ये नहीं के आप फेलयर हैं, वो कल था जिसमें आप fail हुए लेकिन ये आज है, आज आप नया दिन जी रहे हैं, 


जरूर पढ़ें-- Power of positive and negative labels in hindi / remove negative labels



       हो सकता हैं आप किसी exam में fail हुए लेकिन कई exam में आप सफल भी हुए, कुछ रिश्ते आप ठीक से नही निभा पाए, लेकिन कई रिश्ते आपने बहुत बेहतर ढंग से निभाए और निभा रहे हैं, कई बार आप लोगों की मदद नही कर पाए, जब उन्हें आपकी जरुरत थी, लेकिन कई बार आपने ओरों की मदद की, जबकि वो सब आपके लिए काफी मुश्किल था और आज भी आप लोगो की मदद करने को तैयार रहते हैं, 


         किसी असफलता को अपने दिमाग में न चिपका के रखे, आपकी गलतियां और असफलतायें बताती हैं की आप प्रयास कर रहें हैं. बीते कल की धूल झाडे और आगे बढ़े. हजार असफलताओं के बाद भी जब आप एक सफलता  पाते हैं, तो आप सफल कहलाते हैं.

   
       बचपन से ही हमें कुछ असफलताओं के कारण लोग यह अहसास कराते रहते हैं जैंसे हम जिंदगी में कुछ नहीं कर सकते, कोई  सफलता  नही पा सकते और जाने अनजाने यह विचार हमारे अन्दर घर कर जाता है, हम इस झूठ पर विश्वास करने लगते हैं कि मेरे लिए कोई भी काम मुश्किल है, मैं यह नही कर सकता. आज इसी झूठ और गलत विश्वास को हमें छोड़ना होगा, 


      हमें विश्वास करना होगा हम एक इंसान के रूप में कुछ भी कर सकते हैं, ब्रह्मांड की सारी शक्तियाँ आपके अंदर मौजूद हैं, तो आज ही आप अपनी  इस गलतफहमी को छोड़कर अपने आप पर विश्वास कीजिए और वो काम सुरु कीजिए जो आप करना चाहते हैं, और यकीन मानिए आप इसमें या तो सफल होंगे या कुछ सीखेंगे और सीखना अपने आप में एक बहुत बड़ी सफलता है.



ये भी पढ़े हिंदी कहानी, खुद की नजरों में विजेता कैसे बने 






        2.अपने काम को मुश्किल न समझें-

         हम जाने अनजाने ये विचार रट लेते हैं, कि ये काम तो बहुत मुश्किल है, इसे करना मेरे बस में नहीं है, फिर चाहे वह कितना भी आसान काम हो, मुश्किल बन जाता है, क्योंकि हम जो विश्वाश  करते हैं वो ही सच हो जाता है. कई बार हमारे सबसे करीबी लोग भी जाने अनजाने हमारे अंदर ये गलत बात डाल देते हैं, और इस तरह कि नकारात्मक बातें हमें आगे नहीं बढ़ने देती, 







        अत: ये बाते छोड़कर हमें खुद में ये विश्वास भरना होगा की जो भी मैं करना चाहता हूँ वह आसान है, मैं कर सकता हू, मैं कर के रहूंगा और मै जरूर करूँगा, और उस काम को तुरन्त ही सुरू कर दें, चाहे वह कोई भी काम हो, जैसे कोई जॉब, कोई बिज़नेस, कोई नई तकनीक सीखना हो, कोई बुक पढना हो, किसी से रिश्ते की नई सुरुवात करनी हो, आदि...



      3. हमेशा कुछ नया सीखने के लिए तैयार रहें-

          हर दिन तकनीकी बदल रही है, समाज बदल रहा है, समय के साथ-साथ खुद को भी ढालें, नई-नई चीजें सीखें, इससे आपके अन्दर नई ऊर्जा का संचार होगा और आप आंतरिक  ख़ुशी  महसूस कर पायेंगे, साथ ही नई चीजें सीखना से आपके भविष्य के लिए नए रास्ते खुलेंगे.




  4.  सफलता  को धन, पहचान, उच्च पद, सौहरत आदि से न जोडे-  

         धन, पद, सौहरत ये सब भौतिक सुख हैं, और सफलता का भौतिक सुखों से कोई संबंध नही है. मानसिक शांति व सच्ची ख़ुशी पाना ही असली सफलता है और सच्ची ख़ुशी दूसरों की मदद करके, जिंदगी मे  सकारात्मक  बदलाव लाकर और खुद को अच्छे कामों मे व्यस्त रखकर  प्राप्त होती है, हमेशा दूसरों को देना सीखें, चाहे वह मदद हो, सम्मान हो, ख़ुशी  हो या फिर प्रेम हो, क्योंकि जो आप दूसरों को देते हैं वो वापस लौटकर अवश्य आता हैं.



 5. हर व्यक्ति अपने आप में सफल होता है -

     हमारी सबसे  बड़ी सफ़लता यह है कि हम लाखों-करोड़ों जीवों में मनुष्य हैं, और हमारा जीवन अन्य जीवों की तुलना में काफी बेहतर है. दूसरी सफलता है कि हम आज के दौर (२१वीं सदी) में जी रहें हैं, जो मानव इतिहास का सबसे बेहतरीन समय है, सबसे बेहतरीन तकनीकी (T.V., Mobile, transport, social media, Internet, electricity etc.. etc…..), और हर तरह की सुविधा है, आजकल इन सब के बिना एक दिन जीने की भी कल्पना नहीं की जा सकती,

   हम सबसे बेहतरीन तकनीकी के दौर में जी रहे हैं, बेहतरीन तकनीकी मतलब, आसान जीवन और बेहतरीन अवसर, अत: आज हमारे पास हर क्षेत्र में कई अवसर मौजूद हैं, फिर भी आजकल युवा एक ही जॉब के पीछे लाखों की भीड़ में शामिल हो जाते हैं,



"पिछले 33  सालों से, हर सुबह उठ कर मैंने खुद को शीशे में देखा है और खुद से एक सवाल किया, 'अगर ये  मेरी जिंदगी का आखिरी दिन होता तो क्या मैं आज वो करता जो मैं करने वाला हूँ?' और जब भी कई दिनों तक जवाब 'नहीं' होता है , मैं समझ जाता हूँ कि कुछ बदलने की ज़रूरत है."
                                                                                -स्टीव जॉब्स 
     कहने का तात्पर्य है कि जिस काम में आपकी रूचि है वो काम कीजिये, न की सारे लोगों की देखादेखी, क्योंकि आपके पास आज के दौर में कई विकल्प मौजूद हैं, आप वहाँ भी अपना करियर बना सकते हैं, इसमें मुख्यतः business है, इससे न सिर्फ आप खुद रोजगार पाते हैं बल्कि दूसरों को भी अपने साथ जोड़ते हैं.


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