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Tuesday, July 10, 2018

Success formula Don't Tell your secrets in hindi/ अपने रहस्य छुपाकर रखें

                     Don't let people know too much about you



    दोस्तों हर इन्सान की अपनी खूबियाँ और खामियां (strength and weakness) होती हैं, लेकिन आज के समय में अधिकतर लोगों की आदत बन गई है की वे अपनी तो सिर्फ खूबियाँ देखतें हैं जबकि दूसरों की केवल कमियों को ढूंढते रहते हैं, यहाँ तक की किसी अच्छे इन्सान में भी वे 100 कमियां निकालने से नहीं हिचकते.

    

      ऐसे में यदि आप दूसरों के सामने खुली किताब की तरह रहेंगे तो वे आपकी अच्छाईयों और कमियों को अच्छे से समझ जायेंगे, वे आपकी अच्छाईयों का फायदा उठाएँगे और आपकी कमियों का ढिंढोरा पीटेंगे, 

     देखिये सारे लोग बुरे नहीं होते, लेकिन बहुत से लोग होते हैं जो खुद कुछ नया करने से डरते हैं, वे मेहनत नहीं करना चाहते, वे आलसी बने रहते हैं, वे काम को टालते रहते हैं, वे अपने घंटों टीवी, सोशल मीडिया, नींद में व खाने पीने में बर्बाद कर देते हैं, ऐसे लोग न खुद आगे बढने के लिए मेहनत करते हैं न दूसरों को आगे बढ़ते हुए देख पाते हैं, इनके अंदर जलन की भावना भी पैदा होने लगती है और ये हर सम्भव प्रयास करेंगे की दूसरा इन्सान भी सफल न हो सके,


     फिर यदि ऐसे लोग आपके बारे में बहुत कुछ जानते हैं तो वे आपकी अच्छाईयों का फायदा उठाएंगे और  हर सम्भव प्रयास करेंगे की आप भी उन्ही की तरह आलसी बने रहें, और आगे बढने की कोशिस न कर सकें, यदि आप फिर भी आगे बढ़ते रहतें हैं तो वे आपकी कमियों का फायदा उठाएंगे आपको नीचा दिखायेंगे, और आपको अपने स्तर तक नीचे खींचने की हर सम्भव कोशिस करेंगे, 


    दोस्तों ऐसे लोगों से बचने का एक ही तरीका हैं की ऐसे लोगों से जितना हो सके दूर रहें, किसी भी इन्सान को चाहे वह कोई खास ही क्यों न हो, खुद के बारे में जरूरत से ज्यादा न जानने दें, 


     अपनी सफलता की योजनाओं को secret रखें, हर किसी को बताते न फिरें, केवल उन लोगों से आप इन्हें discuss कर सकतें है जो आपको लगे की आपको प्रोत्साहित करेंगे  व आगे बढने में आपकी मदद करेंगे, बाकि अन्य लोग आपको हतोत्साहित करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे, वे आपको convince करेंगे की आप fail हो जाओगे, कि वह काम कितना मुश्किल होगा, नामुमकिन होगा, वे आपके अंदर नकारात्मकता भरने का काम करेंगे की आप वह काम सुरु ही न कर सको अत: केकड़े जैसे इन लोगों से जो खुद तो आगे नहीं बढ़ सकते दूसरों को भी बढ़ते हुए नही देखना चाहते, हमेशा दूर रहें. 





The biggest guru mantra is ; never share your secrets with anybody, it will destroy you  -- chankya 

   
     दोस्तों हर इन्सान में कुछ खूबियाँ होती हैं तो कुछ कमियां भी, आगे बढने के लिए हमे अपनी खूबियों और कमियों का अच्छे से ज्ञान होना चाहिए, जब  हमें अपना पूर्ण ज्ञान होता है तो लक्ष्य बनाना आसान हो जाता है, क्योंकि हम जानते हैं की जो योग्यताएं मेरे अंदर हैं उनसे किस तरह के लक्ष्य मैं हासिल कर सकता हूँ और जो कमियां मुझमे हैं वो किस प्रकार मेरे रास्ता रोकने की कोसिस करेंगी और मुझे किस तरह से उनसे निबटना है, इस प्रकार अपना पूर्ण ज्ञान हमें सही लक्ष्य की  तरफ ले जाता है, और हम वो हासिल कर पाते हैं, जिसे पाने के लिए हमारा जन्म हुआ है.


  अपने बारे में तो पूरा ज्ञान रखें लेकिन अपने secret हर किसी को न बताते रहें, शायद राम कभी भी रावण को नहीं मार पाते यदि विभीषण ने उन्हें रावण की मौत का रहस्य न बताया होता, आपका सबसे अच्छा मित्र कब आपका शत्रु बन जाये कोई नहीं जानता.





 कभी कभी आपके करीबी जो आपका अच्छा ही चाहते हैं, भी आपके लिए नकारात्मक हो जाते हैं, वे आपकी कमियां गिनाने लगते हैं, कभी कभी आपको मजाक में ही नीचा दिखा देते हैं वे जाने अनजाने आपका मनोबल तोड़ सकते हैं, अत: हमेशा ध्यान रहे अपने बारे में किसी को कुछ बताने से पहले सतर्क रहें,


       रंजीत नाम का एक लड़का था, कम उम्र से ही उसे शराब, सिगरेट की लत लग गई, गलत आदतों और लतों की वजह से वह रास्ते से भटकने लग गया, उसकी जिन्दगी का कोई उद्देश्य नहीं था वह पूरी तरह से बर्बाद हो गया था, जैसे जैसे वह युवा हुआ उसे अहसास हुआ की वह गलत दिशा में जा रहा है, उसने महसूस किया की वह यह सब छोडकर एक अच्छा इन्सान बनेगा और अपनी जिंदगी के उद्देश्य हासिल करेगा किन्तु जहाँ वह था वहां का वातावरण उसे बार बार याद दिलाता जो वह पहले था, वह लाख कोशिस करने के बाद भी खुद को बदल नहीं पा रहा था,

   अंत में उसने उस जगह को छोड़ दिया और कहीं और रहकर खुद को बदलना सुरु कर दिया, नई जगह उसे खुद को बदलने में आसानी हुई क्योंकि यहाँ कोई भी उसके बारे में नहीं जनता था, धीरे-धीरे वह पूर्णत: परिवर्तित हो गया, और एक अच्छा इन्सान बन गया, जो पुरानी बुरी लतों से मुक्त हो गया था, और अब वह अपने उद्देश्यों को हासिल करने की तरफ अग्रसर था.

   एक बार उसने अपने गाँव लौटने के बारे में सोचा, उसे लगा वहां जाकर हर कोई मेरे बदलाव को देखकर खुश होगा, लेकिन जैसे ही वह गाँव में घुसा, लोगों के नकारात्मक comment आने सुरु हो गए, कोई कहता; शराबी कब पहुचा, कोई कहता एक दिन में अब कितनी सिगरेट पी लेता है, कोई कहता अब कहाँ का माहौल ख़राब कर रहा है, कोई कहता बन तो ऐसे रहा है जैसे हम जानते ही नहीं तेरे बारे में,  कोई कुछ तो कोई कुछ...

     जब उसने बताया की मै अब पहले जैसा नहीं रहा, तो भी लोगों ने उसका मजाक उड़ाया, की तेरे जैसा शराबी कभी नहीं बदल सकता.

   दोस्तों जब लोग आपके बारे में जरूरत से ज्यादा जान लेते हैं तो वे आपको नीचा गिराने की हर सम्भव कोशिस करते हैं, वे आपके तरक्की के रास्ते रोकने की कोशिस करने लगते हैं और आपको असफल बने रहने के लिए मजबूर करने लगते हैं, अत: कभी भी लोगों को अपनी जिन्दगी में जरूरत से ज्यादा न घुसने दें.



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Friday, April 27, 2018

कैसे छोड़े टालमटोल की आदत/ kaise chhode talmtol ki aadat



Trust the process, your time is coming, just do the work and the results will handle themselves.
                                                               - Tony Gaskins 

                                                                  

अपने काम को टालते रहना बहुत से लोगों की आदत होती है, ऐसे लोग काम को तब तक टालते रहते हैं जब तक उसे करना बहुत जरूरी न हो जाए.


लेकिन बार बार काम को टालते रहना हमारे अंदर की ऊर्जा और आत्मविश्वास को खत्म कर देता है और हम आलसी हो जाते हैं यह हमारी तरक्की में बाधा बन जाता है और हमारे आगे बढ़ने और सफल होने के सारे रास्ते बंद होने लगते हैं.

टालमटोल के बहुत से कारण हो सकते हैं,जैसे ...
आदि! 

इनमे सबसे बड़ा कारण है आलस, अक्सर लोग कोई काम करने में आलस करते रहते हैं और उसे टालते रहते हैं. कोई भी काम तुरंत करके आलस को दूर भगाया जा सकता है.

टालमटोल की आदत कैसे दूर करें

हर काम तुरंत करने की आदत डालें- 

काम करने से उतनी थकान नहीं होती जितनी टालमटोल से होती है, लगातार काम को टालते रहना आपके अंदर की समस्त ऊर्जा को समाप्त कर देता है, और आपको उत्साह रहित बना देता है.

जबकि काम को पूरा करके आपके अंदर एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है जो आपको और कार्यों के लिए भी प्रेरित करता है, अत: हर कार्य को समय पर पूरा करें.

"मुझे यकीन है की जीत हासिल करने वालों के मन में भी टालमटोल की इच्छा जरूर पैदा हुई होगी, लेकिन उन्होंने उसे कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया." 


                                                                         -  शिव खेड़ा



 वर्तमान से बेहतर कोई समय नहीं- 

अक्सर हम सोचते रहते हैं, जब अच्छा समय आएगा तो मैं ये काम करूंगा, जब मेरा मन करेगा तो करूंगा लेकिन न तो कभी अच्छा समय आता है न ही कभी आपका मन उस काम को करने का होता  है, किसी भी काम को करने के लिए अभी का समय सबसे अच्छा है अत: जो भी कार्य करना है उसे अभी सुरु करें,

जब भी आप किसी काम को टालते हैं तो वह पहले से मुश्किल लगने लगता है और पहले से बोरिंग, जबकि पहली बार में कार्य को ख़ुशी और उत्साह से किया जा सकता है अत: उसे बाद के लिए कभी न टालें. 


डर को खुद से  दूर कर दें, साहसी बनें -

काम में असफलता का डर एक बहुत बड़ा कारण है जो व्यक्ति को काम को टालने के लिए उकसाता है, किसी व्यक्ति को जब महसूस होता है की यदि वह उस कार्य में फेल हो गया तो क्या होगा, उस फेल्यर के डर से बचने के लिए वह काम को अंतिम समय तक टालता रहता है, 


लेकिन आपको समझना होगा बिना काम किये भी तो आप फेल के ही समान हैं, बिना काम किये भी कुछ नहीं होने वाला तो फिर क्यों न तुरंत कोई कार्य करके उसका मजा लिया जाय, हो सकता है उस काम के परिणाम बेहतरीन निकले और आप सफलता हासिल कर लो. आगे बढने का कोई मौका नहीं छोड़ें क्या पता कौन सा काम आपकी जिन्दगी बदल दे.


काम कठिन है इससे न घबराएँ

कोई काम कठिन लग सकता है इससे घबराने के बजाये काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँट दें, हर हिस्से के लिए निश्चित समय तय करें, और उन्हें समय पर पूरा करें, इससे आपका काम व्यवस्थित होगा और आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा.

खुद को पुरस्कार दें

कोई कार्य जिसको आप छोड़ दिया करते थे, अब जब वह पूरा करते हैं तो इसके लिए खुद को कोई पुरस्कार जरूर दें. इससे आपके अंदर एक अलग तरह की ऊर्जा और उत्साह उत्पन्न होगा और आगे से आपके काम में बेहतरी आएगी.


बोरिंग को interesting बनाएं-  

कभी-कभी हम किसी कार्य को सिर्फ इसलिए टालते रहते हैं क्योंकि हमें लगता है की वह मुश्किल या बोरिंग होगा, और हम उसे ज्यादा दिन तक नहीं कर पाएंगे लेकिन उसे सुरु करते ही आगे का रास्ता खुद व खुद बनता जाता है और उस कार्य को करने में मजा आने लगता है अत: कार्य को तुरंत सुरु कर दें,


हर दिन एक निश्चित समय तय करें- 

यदि काम लम्बे समय तक चलने वाला है तो हर दिन एक खास समय तय करें, और आत्मअनुशासन और दृढ संकल्प से उस समय में निश्चित उद्दश्यों को पूरा करें. इससे धीरे-धीरे आप आगे बढ़ते रहते हैं. 


जब आप किसी काम को टालने के बजाय उसे तुरंत करते हैं तो आपको अंदर से एक ख़ुशी, आत्मविश्वास, साहस, उत्साह और अच्छी फीलिंग  महसूस होती है, लेकिन जब आप काम को  टालते हैं तो उदासी, नाखुशी और आलस महसूस होता है आपको कौन से फीलिंग पसंद है आप खुद चुन सकते हैं.


कई बार हम सोचते हैं की ये काम कभी भी कर लेंगे लेकिन, अक्सर जो काम कभी भी किया जा सकता है वह कभी नहीं हो पाता, अत: हर काम को अभी या कभी नहीं (Now or Never) के फोर्मुले को ध्यान में रखकर करें यानि की या तो यह काम अभी होगा या कभी नहीं होगा.

  
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new cause of stress in hindi/तनाव बढने के 4 नये कारण और उनके समाधान



Thursday, February 22, 2018

CHANGE/बदलाव hindi story-Changes are impotent in life,/jeevn me parivartan jroory hain

"Your Life Does not Get Better by CHANCE, 



      It Gets Better by CHANGE"       


                                                             -     Jim Rohn                                                  


       परिवर्तन प्रकृति का नियम है, यह बात जानते तो सब हैं लेकिन कितने लोग इस नियम के साथ खुद को भी समय के साथ बदलते हैं! शायद बहुत कम लोग!




     इन्सान शारीरिक व मानसिक रूप से पहले से विकसित हो गया है और अभी भी हो रहा है, यही तो परिवर्तन है जो हमे पहले से अधिक बेहतर बनाता है.


    अगर इन्सान में परिवर्तन न होता तो किसी के हाथ में मोबाइल न होता, किसी के पास T. V., फ्रिज, लाइट, कंप्यूटर, गाड़ी, अच्छा खाना और भी बहुत सी चीजे नहीं होती और इन्सान आज भी जंगलों में घूम रहे होते,




हमारी आदतें, सोच, व्यवहार, नजरिया, मानसिकता आदि सभी हमारे वातावरण से प्रभावित होती हैं, बचपन से लेकर अब तक हम किस माहौल में रहे, कैसे परिवार में पले, कैसे हमारे दोस्त है, स्कूल का माहौल कैसा था/है, समाज का नजरिया कैसा है, अर्थात हमारा पूरा वतावरण हम पर हर प्रकार से प्रभाव डालता है, और हम अपने वातावरण के अनुसार ही एक ढर्रे में ढल जाते हैं और उसी की according व्यवहार करते हैं,



  

     कुछ अच्छी और कुछ बुरी आदतें, सोच हमारे अंदर घर कर जाती हैं, अक्सर अधिकतम लोगों के सोच अपने निजी स्वार्थों या ज्यादा से ज्यादा अपने परिवार के हित तक सीमित हो गई है,जिससे वे उसी की according व्यवहार भी करते रहते है.






हमारे अंदर बदलाव करने की शक्तियां अथाह मात्रा में मौजूद हैं, जिसका यदि 1% भी प्रयोग किया जाय तो खुद को पूरी तरह बदलकर एक भिन्न इन्सान बन सकते हैं, हम पूरी तरह से सकारात्मक इन्सान बन सकते हैं, बशर्ते की हम खुद को बदलने के लिए तैयार हों!




    'The Power Of Your Subconscious Mind' के लेखक जोसेफ मर्फी के अनुसार खुद को 2 लोगों में बाँट दीजिये, एक आपका वर्तमान स्वरुप और दूसरा आपका मनचाहा स्वरुप,

     हर इन्सान अपने आप को अपने वर्तमान स्वरूप से बेहतर देखना चाहता है तो अभी से खुद को अपने मनचाहे स्वरूप में ढालने में जुट जाएँ.



     इसे एक कहानी द्वारा समझते हैं.....



 एक युवा अपनी जिन्दगी से बहुत परेशान था, दरअसल उसके जीवन में वही होता आ रहा था जो अब तक हो रहा था यानि हर जगह असफलता और निराशा, वह सोचता की मैं तो अपने आप में बेहतर कोसिस करता हूँ फिर भी मुझे हमेशा असफलता क्यों मिलती हैं, धीरे-धीरे बहुत ही निराश और ह्तोत्सहित रहने लगा, समय बीतता गया लेकिन उसके हर जगह असफलता वाले परिणामों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा,


   अंत में वह एक महात्मा के पास गया और बताया- "गुरूजी मैं जहाँ भी जाऊ, जो भी कार्य करूं मैं हमेशा असफल होता हु, समय बीत रहा है लेकिन मेरे जीवन में कुछ नहीं बदल रहा, आज से 10 साल पहले जिस प्रकार मैं अधिकतम कामों में असफल होता था आज भी होता हु आखिर मेरी किस्मत इतनी बुरी क्यों है"


   महात्मा ने उसे एक छन्नी दी और उसमे पानी भरकर लाने के लिए कहा, वह आश्चर्यचकित था की छन्नी में कैसे पानी भर सकता है, फिर भी वह सामने वाले तालाब में गया और पानी भरने लगा वह कोशिस करता लेकिन जैसे ही वह छन्नी उठता पानी निचे गिर जाता और छन्नी खाली हो जाती, अंत में वह महात्मा के पास गया है, "गुरूजी  ये कैसा मजाक है आप मुझे छन्नी में पानी लाने के लिए कह रहे हैं लेकिन यह असम्भव है, फिर महात्मा ने उसे बाल्टी  दी और उसमे पानी भरने को कहा, थोड़ी ही देर में वह पानी भरके ले आया,

   महात्मा बोले कुछ समझे, वह नासमझी में अपना सिर खुजाने लगा, फिर महात्मा बोले ये छन्नी नकारात्मक विचारों का प्रतीक है जो तुम्हारे अंदर मौजूद हैं चाहे तुम नकारात्मक विचारों के साथ कितनी भी कोशिस कर लो तुम्हारे जीवन में सकारात्मक नहीं हो सकता, अपना बर्तन बदलो यानि सकारात्मक विचारों को अपनाओ, अच्छी सोच विकसित करो, यानि अपने अंदर परिवर्तन करों, फिर देखो तुमारी जिन्दगी कैसे बदलती है,




  लडके को सब समझ आ गया की सफल होने के लिए उसे खुद में बदलाव करने होंगे, अगर हमेशा समान प्रयास किये जाते रहेंगे तो समान परिणाम आयेंगे.


     अपने अन्दर की बुराई, डर, चिंता, नफरत, तनाव, लालच, इर्ष्या, अहंकार आदि नकारात्मक विचार त्यागकर प्रेम, दया, उम्मीद, सृजनात्मकता, ऊर्जा, शक्ति, उत्साह, धैर्य, मेहनत आदि सकारात्मक गुणों को अपना लो, रोज अपने नये स्वरूप को पाने के प्रयास करो एक दिन आप वैसे ही बन जाओगे, 



    'जो इन्सान खुद को समय के साथ नहीं बदलता वह दूसरों की तुलना में पिछड़ जाता है.' 



  आइये खुद को थोडा सा बदलें...


अक्सर हम सोचते है की हमे बहुत अधिक बदलाव की जरूरत है और हम खुद को बहुत ज्यादा बदलने में लग जाते हैं जो की बहुत मुश्किल काम है और हम हारकर उसे बीच में ही छोड़ देते है, इससे अच्छा है की हम थोड़े से सुरुवात करें और धीरे-धीरे करके खुद को पूरा बदल दें,



"आप ही एकमात्र व्यक्ति हैं जो खुद को बदल सकते हैं"


                                                                       जोसेफ मर्फी 


1. अपनी आदतें बदलें- 


    हमारे अंदर बहुत सी ऐसी आदते बन चुकी होती हैं जो कहीं न कहीं हमारे करियर में, हेल्थ में और रिश्तों पर बुरा प्रभाव डालती हैं इन्हे बदलने के बारे में तो सोचते हैं लेकिन बदल नहीं पाते, तो चलिए आज इसकी सुरुआत करते हैं,


 बहुत सारी आदतों को एक साथ बदलने के बजाय किसी एक आदत को चुन लें ( जैसे मुझे हमेशा खुस रहना है या हर काम तुरंत करना है,)

  और उसे ही बदलने पर फोकस करें जब वह आदत पूरी तरह बदल जाय, तो दूसरी आदत को चुने और उसे बदलें, फिर तीसरी और धीरे-धीरे अन्य आदतें बदलें,

एक बार में केवल एक या दो ही आदत को बदलने पर फोकस करें. इससे आपके लिए यह काम आसान हो जायेगा.


      ये भी पढ़ें...तनाव बढने के 4 नये कारण और उनके समाधान




2. अपनी सोच बदलें 


 " हमारा जीवन वो है जो हमारे विचार इसे बनाते हैं"
    
                                                                    Marcus Aurelius

        आदते बदलने के बारे में तो बहुत लोग सोचते हैं लेकिन सोच बदलने के बारे में कम ही लोग सोचते हैं,


  अपनी छोटी, संकीर्ण सोच से बाहर निकलिए एक बड़ी सोच रखिये,

  जिस सोच में आपके रिश्तों के लिए जगह हो, आपकी रूचि/ पसंद के        लिए जगह हो,

  आपकी योग्यता के लिए जगह हो,

खुद के प्रति आत्मविश्वास हो,

करियर और जिंदगी के अन्य फैसले खुद ले,

आप खुस रहने का विकल्प चुने और आप किसी भी प्रकार से दूसरों पर निर्भर न हों,

सोच इतनी बड़ी हो की आपको अपनी खूबियों और कमियां अच्छे से मालूम हों और अपनी खूबियों का इस्तेमाल कब और कैसे करना है आप अच्छे से जानते हों,

अपनी योग्यता और रूचि के हिसाब से खुद के लिए हजारों करियर आप्शन देखने की सोच हो, और उनमे से बेहतर को चुनने की हिम्मत,
तो यकीनन आपकी बड़ी सोच आपको बहुत आगे ले जाएगी. 




3. पहनावे में थोड़ा परिवर्तन करें

आप अपने पहनावे व style में हल्का सा परिवर्तन करके खुद के आत्मविश्वास को बढ़ा सकते हैं, आपके पहनावे से आपके व्यक्तित्व पर काफी असर पड़ता है,
अगर आप अपने पहनावे से comfort नहीं हैं तो यह आपके आत्मविश्वास को कम कर देगा, इसके विपरीत अच्छे और comfort पहनावे व स्टाइल से आपका आत्मविश्वास बढ़ जायेगा.


4.नजरिया बदलें  

     
"सफलता के लिए नजरिया उतना ही जरूरी हैं, जितनी काबिलियत"- 
                                                                               
                                                                                      वाल्टर स्काट 

   १. सकारात्मक नजरिया अपनाए,

  २. हर बात पर परेशान होने के बजाये कुछ पलों में हल्की फुल्की कॉमेडी ढूंढे और चीजों का मजा लें,  

  ३.अपने नजरिये में थोडा सा बदलाव करके हम अपनी जिन्दगी को हल्का फुल्का और मजेदार बना सकते हैं,

 ४.अन्य लोगों में अच्छाई ढूंढे और जरूरत पड़ने पर उनकी तारीफ भी करें,

 ५.जरूरतमंद लोगों की मदद करें, इससे आपको अंदर से सच्ची ख़ुशी महसूस होगी,
  

 ६.अपने लिए प्रेरक और उत्साहवर्धक माहौल ढूंढे, प्रेरित करने वाले और सकारात्मक रहने वाले दोस्तों के साथ रहें,

 ७. अपना काम नापसंद करने के बजाय उसमे रूचि लें, काम को बोझ के बजाय एक अवसर समझे और ख़ुशी से करने की कोशिस करें.

८. बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने का हर सम्भव प्रयास करें.



    'नजरिया एक चश्मे की तरह है, जिस प्रकार काले रंग का चश्मा पहनने पर, हमे सब कुछ काला दिखाई देता है और लाल चश्मे से सब लाल दिखाई देता है, इसी प्रकार नकारात्मक नजरिये से हमे हमारे चारों तरफ निराशा, दुःख व असंतोष ही दिखाई देता है और सकारात्मक नजरिये से हमे आशा, खुशियाँ व संतोष ही नजर आएगा. यह हम पर निर्भर करता हैं की हम कौन से रंग का चशमा पहनना पसंद करते हैं.'


जीवन में परिवर्तन के फायदे
     
   1.  रचनात्मकता बढती है,

   2.  आत्मविश्वास बढ़ता है, 

   3.  ऊर्जावान व उत्साही होते हैं, 

   4.  सकारात्मकता बढती है, 

   5.  learning attitude/ सीखने का नजरिया बनेगा,

   6.  comfort Zone से बाहर निकलने में मदद मिलेगी. 



            दोस्तों खुद को हमेशा प्रेरित करने वाले लोगों के बीच रखें, प्रेरक किताबें पढ़े, प्रेरक स्पीच सुने, जिससे आप हमेशा प्रेरित रहेंगे और अपने काम के प्रति उत्सुक और जागरूक रहेंगे.

      "अधिकतम लोग इसलिए असफल हो जाते हैं क्योंकि उनको प्रेरक और उत्साहवर्धक माहौल नहीं मिल पाता"

Thursday, February 8, 2018

कैसे मैंने easy तरीके से 3 बेहतरीन आदतें अपनाई /How I changed my habits


         आज मै आपको बताउंगी की कैसे मैंने अपनी 3 सकारात्मक आदतें बहुत आसान तरीकों से अपनाई,



     
हमारी सफलता, ख़ुशी, अच्छे रिश्तों, आत्मविश्वास आदि में आदतों का बहुत ही बड़ा अहम रोल होता है,

यदि आपकी आदतें अच्छी हैं (अच्छी आदतें जैसे- खुश रहना, दूसरों की मदद करना, हर काम समय पर पूरा करना, सकारात्मक होना, योग-ध्यान करना, समय का सदुपयोग करना आदि) तो जीवन आपके लिए काफी आसान हो जाता हैं और सफलता को हासिल करना भी सरल हो जाता है,

जबकी बुरी आदतें जैसे आलस, काम को टालना, मोबाइल का अनावश्यक इस्तेमाल करना, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना आदि बहुत सी आदतें आपकी सफलता में और खुशियों में रुकावट बन सकती है.



अच्छी आदतें अपनाना मुश्किल है लेकिन उनके साथ जीना आसान है, बुरी आदतें अपनाना आसान है लेकिन उनके साथ जीना मुश्किल है.
                                                                                                                         - शिव खेड़ा



अच्छी और बुरी आदतें हम सभी के अंदर होती हैं यदि हम बुरी आदतों को दूर करते जाए और अच्छी आदतों को अपनाते जाए तो यकीनन हम न सिर्फ एक अच्छे इंसान बन जायेंगे बल्कि सफलता भी हासिल कर लेंगे, 

तो मैं आज आपको उन 3 आदतों के बारे में बताउंगी जो मैंने खुद छोटे प्रयासों और आसान तरीकों से अपनाई, 


ये आदते इस प्रकार हैं.....

1. सुबह जल्दी उठना,

2. Daily Exercise करना,

3. हर काम समय पर पूरा करना.


1. सुबह जल्दी उठना  -  

मैंने कई बार सुबह जल्दी उठने की कोशिस की लेकिन सुबह जैसे ही अलार्म बजता था, मैं अलार्म बंद करके फिर सो जाती थी, 

लेकिन कई बार जब सुबह जल्दी उठना जरूरी होता था तो नींद अपने आप खुल जाती थी (जैसे कोई एग्जाम है या कहीं जाना है आदि.. ). फिर मैंने सोचा जब मैं जरूरी टाइम पे जल्दी उठ सकती हूँ तो फिर हमेशा क्यों नहीं,



जब हमे दूसरे दिन जल्दी उठना जरूरी होता है तो हम पहले रात को निश्चय कर लेते हैं की हमे कल सुबह जल्दी उठना है यही दृढ निश्चय हमारे अवचेतन मन में दृढ़ता से बैठ जाता है और वह हमे सही समय पर जगा देता है, 


इसी तरीके को अपनाते हुए मै हमेशा रात को सोने से पहले निश्चय कर देती हूँ की मुझे कल 6 बजे उठना है चाहे कुछ भी हो जाये और ज्यादातर समय मेरी नींद अलार्म बजने से पहले ही खुल जाती है और मैं तुरंत ही उठ खड़ी होती हूँ बिना समय गवाएं. 



      दोस्तों अगर आप भी सुबह जल्दी उठने की आदत बनाना चाहते है तो रात को सोने से पहले निश्चित कर लें कि आपको कितने बजे उठाना है, 

कई बार आप अलार्म भी लगाते होंगे लेकिन फिर भी सुबह जल्दी नही उठ पाते और अलार्म बंद करके फिर सो जाते होंगे, 

ये इसलिए होता है क्योंकि आप रात को अपने अवचेतन मन को निश्चित निर्देश नही देते हैं 

और उसे यह कहकर कंफ्यूज करते हैं की 5 बजे उठना तो है लेकिन थोड़ी देर और सो भी जांऊ तो कोई बात नही इससे आपके अवचेतन मन को निश्चित सन्देश नही मिलता और आप कितनी भी कोशिस कर ले सही समय पर नही उठ पाते.



इसके विपरीत यदि आप रात को सोने से पहले ये निश्चित कर लें कि आपको ठीक 5 बजे (या जितने बजे भी आप उठना चाहते हैं) उठना है और 5 बजे का अलार्म लगा दीजिये, 

याद रखें की 5 बजे उठना है तो उठना है कोई और विकल्प नहीं हैं तो यकीनन नींद खुद खुल जाएगी नही तो अलार्म बजने पर आप उसे बंद कर दोबारा नही सोयेंगे. 


रोज रात को सोने से पहले दृढ निश्चय करे की जल्दी उठाना है तो धीरे-धीरे यह आपकी आदत बन जाएगी. 

याद रखें यदि आप अभी 8 बजे उठतें हैं तो अभी बहुत जल्दी उठने के बारे में न सोचे बल्कि आधा घंटा पहले (यानि 7:30बजे ) उठे, 

कुछ दिन तक इसी टाइम पर उठने के बाद 7 बजे उठें फिर धीरे-धीरे करके अपना समय जल्दी उठने का करें और एक दिन आप पाएंगे की आप बड़ी आसानी से 5 बजे उठ पा रहें हैं.

                                    तो जल्दी उठने का बेहतरीन तरीका है --(दृढ निश्चय करें)  



2. सुबह Exercise कैसे करें--- 
 


     सुबह exercise जरूरी है इससे हमारा शरीर जो रात को सोने से जकड़ा और सुस्त हो जाता  है exercise करने से एक्टिव हो जाता है और हमारा शरीर और दिमाग पूरे दिन के लिए तरोताजा हो जाते हैं, 

हम सब यह सब जानते तो हैं लेकिन इसे आदत नही बना पाते. 


मैंने भी कई बार एक्सरसाइज सुरु की लेकिन कुछ दिन के बाद फिर यह बोरिंग लगने लगी और मैंने इसे छोड़ दिया, लेकिन अब मै हर सुबह एक्सरसाइज करती हु, 


दरअसल मैं Exercise का बहुत ही अलग तरीका अपनाती हूँ, मैं सुबह उठकर कोई फ़ास्ट म्यूजिक लगाकर एक Exercise करती हूँ,  

इससे पूरा शरीर एक्टिव हो जाता है साथ ही इसमे कोई उबाऊ पन भी नही होता और इसे लम्बे समय तक करना भी बहुत आसान होता है.


जरूर पढ़ें...how I use Affirmation for positive mindset in hindi/Affirmation in hindi



यदि आप music पर Exercise करने के बजाय डांस करना पसंद करें तो आप एसा भी कर सकते हैं , 

इससे भी आपको exercise करने के पूरे फायदे मिलते हैं या इससे भी ज्यादा खुसी और अंदर से आनंद महसूस होता है और आप पूरे दिन के लिए ख़ुशी से तैयार हो जाते हैं.

इसके आलावा आप अपने पसंद की EXERCISE, योग, डांस आदि कर के अपनी सुबह को ज्यादा ACTIVE और HAPPY बना सकते हैं,

                         Exercise का बेहतरीन तरीका --Exercise With Music and Interest)



3. किसी भी काम को समय पर कैसे पूरा करें--


 मेरी बचपन से ही एक problem रही है मैं कितनी भी कोशिस करूं अपने कई काम समय पर पूरा नही कर पाती जिससे कई काम तो अधूरे रह जाते, 

तो कोई अगर पूरे हो भी जाते, तो और काम छूट जाते जिससे मुझे बचपन से ही काफी प्रॉब्लम होती थी, लेकिन अब ऐसा नही होता क्योंकि अब मैं जो तरीका अपनाती हूँ उससे न केवल सही समय पर अपना हर काम पूरा कर लेती हूँ बल्कि कई काम समय से पहले ही पूरे कर लेती हूँ, 


और यह तरीका है time fix करना,


     जी हाँ, यदि किसी काम को करने के लिए मेरे पास 50 मिनट का समय है तो मैं उसे सुरु करते समय निश्चित कर देती हूँ की मुझे यह काम 40 मिनट में पूरा करना है 

फिर मेरा पूरा फोकस उसी काम पर आ जाता है यदि बीच में ध्यान भटक भी जाये तो फिर मै अपना 40 मिनट का समय याद करती हूँ और फिर अपने आप ही मेरा पूरा ध्यान और फोकस उसी काम पर लग जाता है 

जिससे वह काम 40-45 मिनट में पूरा हो जाता है जबकि वही काम पहले 60-70 मिनट में पूरा होता था. 

       

यह एक बहुत ही कारगर तरीका है जिससे मुझे अपने ध्यान को न सिर्फ  एक जगह लगाने में मदद मिली बल्कि मैं अपने अधिकतर काम समय से पहले ही पूरे कर लेती हूँ. 

इस तरीके की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमे मेरा पूरा ध्यान उसी काम पर होता है, जिससे वह काम बहुत ही अच्छे ढंग से पूरा होता है.

                किसी भी काम को समय पर पूरा करने के लिए -- निश्चित समय निर्धारित  करें)


हमारा जीवन एक अनुभव है, इसमे आप जितने अधिक प्रयोग करते हैं उतना ही इसे बेहतर बनाते हैं,
                                                                                                                          -राल्फ वाल्डो एमर्सन 
                           
दोस्तों ये 3 आदतें अगर आप भी अपनाना चाहते हैं तो एक बार उपर्युक्त तरीकों को अपनाकर देखिये ये जरूर आपके लिए फायदेमंद होंगी.

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Sunday, February 4, 2018

problems faced by youth in hindi/क्या है आज के युवा की सबसे बड़ी समस्या


    "अपनी युवावस्था का आनन्द लो, आप इस पल जितने युवा हो उतना इसके बाद कभी नहीं होओगे"

                                                                                                                     -  चैड सग 
                                         



    क्या है आज के युवा की सबसे बड़ी समस्या  जिससे वह आगे नहीं बढ़ पा रहा है 

     
  दोस्तों अगर किसी युवा से पूछा जाय की उसके करियर में सबसे बड़ी समस्या/बाधा क्या है क्यों तुम आगे नहीं बढ़ पा रहे हो?   

यकीनन उसके पास ढेर सारे excuses ( बहाने) होंगे, जैसे मेरे माता पिता मुझे support नहीं करते, मैं बहुत गरीब परिवार से हूँ, मेरे पास टाइम नहीं है, देश में नौकरियों की कमी है, मेरी अच्छी education नहीं है, competition बहुत अधिक है और रोजगार के साधन बहुत कम, और लोग बहुत talented हैं, उनकी education अच्छे स्कूलों में हुई है etc...

 ( यकीनन शिक्षा किसी की भी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है लेकिन यदि आपकी शिक्षा में कोई कमी रह भी गई तो भी आप अपनी सोच में बदलाव करके सफल हो सकते हैं.)



"आप अक्सर पायेंगे कि ये आपके मम्मी या पापा, हसबैंड या वाइफ या बच्चे नहीं हैं जो आपको सफल होने से रोक रहे हैं। ये आप खुद हैं। अपने रास्ते से हट जाइए।"
                                                                                                     --Robert kiyosaki


दोस्तों कहीं न कहीं हम खुद भी अपने रास्ते में बाधा पैदा करते हैं, और सफल होने से वंचित रह जाते हैं, कई कारण हैं जो आपको आगे बढने से रोक रहे हैं, आइये जानते हैं कुछ कारण जो आज के युवाओं के सफतला के रास्ते में रुकावट बन रहे हैं---



1. शिक्षा व्यवस्था ( Education System ) -


 शिक्षा व्यवस्था आज के युवा की समस्याओं का सबसे बड़ा कारण है, भारत में आज जो शिक्षा है वह पूर्णत: अंकों पर आधारित  है, शिक्षक, अभिभावक, समाज और छात्र सबका फोकस सिर्फ अच्छे अंकों पर होता है, 

कोई भी ज्ञानवर्धक, विकासपरक, रोजगारपरक, innovation, योग्यता आधारित शिक्षा की बात ही नहीं करता. हर कोई अंकों के मायाजाल में फंसा हुआ है, 

जो बच्चों और युवाओं के सही talent को बाहर निकलने से रोक रहा है, जिससे युवा आँखे बंद कर उसी दिशा में दौड रहें हैं जहाँ सभी दौड़ रहें हैं,



     यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाय और बच्चों को उनकी योग्यता के आधार पर आगे बढने के अवसर दिए जाएँ, 

उनका बचपन से ही प्रशिक्षण किया जाये, 

उनका आत्मविश्वास बढ़ाया जाय,

उन्हें बेहतर करने के लिए प्रेरित किया जाय, 

कुछ नया करने के लिए प्रोत्साहित किया जाय, 

नये रिस्क लेने और समस्याओं को फेस करना सिखाया जाये, 

किताबी शिक्षा की बजाय व्यावहारिक और व्यवसायिक शिक्षा दी जाये, 

असफलता से निराश होने के बजाय उससे कुछ सीखना सिखाया जाय, 

नये Innovation के लिए प्रेरित किया जाये, 

जिस क्षेत्र में उनकी रूचि और योग्यता है उसी क्षेत्र से सम्बन्धित अवसरों के बारे में जानकारी दी जाये और उसी ओर आगे बढने के लिए प्रेरित किया जाय. 

इस तरह की व्यवस्था और माहौल उन्हें स्कूल और घर पर दिया जाये तो यकीनन स्टूडेंट्स का भविष्य अधिक खुशहाल और सफलता से भरा होगा.


   2.  गलत आदतें  

बचपन से ही कुछ गलत आदते हमारे अंदर घर  कर जाती हैं और एक बार जो आदत पड़ जाती है हम उसके साथ जीने में ही comfort महसूस करते हैं और उसे बदलने के बारे में सोचते ही नहीं हैं, 

गलत आदते जैसे-- देर से उठाना, कोई भी काम समय पर नहीं करना, काम में ध्यान नहीं लगाना, दूसरों से खुद की तुलना करना और निराशावादी होना, हर चीज के नकारात्मक पक्ष को देखना, खुद को कमतर समझना, काम को टालते रहना और आलस करना, सही गलत में अन्तर नहीं कर पाना, अपने निर्णय खुद नहीं लेना आदि.. 

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        एसी ही कई आदते जो आपको आगे नहीं बढने देती, जब तक इन आदतों से छुटकारा नहीं पाते तथा इनकी जगह सकारात्मक आदते नहीं अपनाते, आपके लिए सफल होना काफी मुश्किल होगा.





3. छोटी सोच/ लिमिटेड विज़न 

बचपन से ही बच्चो के दिमाग में समाज, परिवार और T.V. आदि के द्वारा बहुत ही संकुचित सोच व बाते भर दी जाती हैं,  जैसे -- पढ़ते रहो, नहीं तो कोई अच्छी नौकरी नहीं मिलेगी, ओरो से अच्छे नम्बर लाओ तभी तुम्हारा समाज में मान बढेगा, दूसरों को देखो, वो क्या कर रहें हैं वही करते जाओ, तुम भी उसी दौड में सामिल हो जाओ, पैसा ही सबकुछ है,बिना पैसो के कोई तुम्हारी कद्र नही करेगा, वगैरह वगैरह ...
      

     
         उस बच्चे की क्या खूबियाँ हैं वह क्या करना चाहता है? उसकी रूचि किस काम में है यह सब कोई नहीं जानना चाहता, 

कोई माता पिता या कोई स्कूल भी बच्चों को भीड़ में सामिल करने में कोई कसर नही छोड़ते, खुद उनकी सोच इतनी लिमिटेड हैं की वे उसके दायरे से आगे सोच ही नहीं पाते. 

वे कुए तक सीमित हैं जो समुद्र के बारे में न तो जानते हैं न जानना चाहते हैं.



ज्यादातर लोगों की सोच एक जैसी है सब एक ही दौड़, दौड़ रहे हैं जो काम एक कर रहा है वही सब कर रहे हैं कुछ लोगों को छोडकर बाकि सब एक दुसरे की देखादिखी कर रहे हैं. कुछ साल पहले तक engineering या teaching आदि की डिग्री बहुत कम लोगों के पास होती थी लेकिन आज तो जैसे इन डिग्रियों की बाढ सी आ गई है. एक दूसरे की देखादेखी में हमे कोई और अवसर दिख ही नही रहे.


        जो बच्चे इस दौड में सामिल हो जाते हैं फिर वे एक छोटी सी जॉब के लिए सालों तक मेहनत करते हैं, एक ऐसी जॉब जिसके लिए उसी के जैसे हजारों लाखों अन्य लोग भी दिन रात एक कर तैयारी कर रहे होते हैं आखिर कितने लोगों को वो जॉब मिल पायेगी और अगर मिल भी गई तो वो कितनी तरक्की कर पाएंगे. 


        

        देखादेखी के चक्कर में किसी नौकरी को पाने में वे जितनी मेहनत करते है उतनी मेहनत अगर वे उस काम में करने लगे, जिसमे उनकी रूचि है तो वे कई गुना अधिक सफल हो सकते हैं, क्योंकि जब आदमी अपनी रूचि से काम करता है तो वह अपने काम पर फोकस करता है जो उसके काम की गुणवत्ता को कई गुना बढ़ा देता है जिससे उसके सफल होने के मौके कई गुना बढ़ जाते हैं.    


यदि आप भी इस तरह की किसी रेस में सामिल हो चुके हैं तो जरा सोचिये और खुद से पूछिये , क्या आप उस काम को करने में बहुत खुश महसूस कर रहे हैं या करेंगे? क्या इसी काम में आपकी रूचि है?  क्या इस काम को करने में आपको इससे मिलने वाले पैसे से ज्यादा ख़ुशी मिल रही है या मिलेगी ?

या फिर ये आप थोड़े से पैसों के लिए और एक ठीक ठाक से जीवन जीने किए लिए कर रहे हैं! यदि एसा है तो फिर आप जिन्दगी भर संघर्ष करने वाले हैं क्योंकि जिस काम में आपका interest न हो उसे करना किसी यातना से कम नहीं है और यह यातना आप अपने पूरे युवावस्था के लिए चुन रहे हैं जब आपको इससे छुटकारा मिलेगा आप बूढ़ें हो चुके होंगे.




आज सम्भावनाओं की कोई कमी नही है, कमी है तो उन्हें देखने की,

जरूरत है तो अलग नजरिये वाले लोगों की, नई सोच की, कुछ क्रिएटिव लोगों की, साहस की और मिलकर नये रिस्क लेने वालों की,

अगर ऐसा हुआ तो देश में तरक्की करने वालों की बाढ़ आ जाएगी, वे अपने साथ कई और लोगों को भी रोजगार देंगे और अनावश्यक बेरोजगारी खत्म हो जाएगी.

       दोस्तों अपनी सोच के दायरे को बढाइये, अपनी क्षमताओं को पहचानिए अपनी रूचि के काम को चुनिए और पूरे दिल से इसमें अपना करियर तलासिये और जी जान से मेहनत कर अपना भविष्य सफलता से भर दीजिये.
  

          अलग-अगल रुचियाँ जैसे -- किताब लेखन, पेंटिंग, खेल, कुकिंग, Horticulture, Designing, Business, Psychologist, योग Teacher, Motivator, करियर Counselor आदि बहुत से क्षेत्र हैं जिसमे आप अपनी  रूचि और योग्यता के अनुसार अपना करियर चुन सकते हैं. जरूरी नही आपको किसी के यहाँ नौकरी करनी है किसी भी क्षेत्र में आप ट्रेनिंग लेकर अपना खुद का काम सुरु कर सकते हैं.


"मेरे लिए व्यवसाय बसों की तरह है. आप एक जगह खड़े होते हैं और पहली बस जहाँ जा रही है वो आपको पसंद नहीं है. दस मिनट इंतजार कीजिये, दूसरी आएगी, ये भी पसंद नहीं, वे आती रहेंगी, बसों और व्यवसायों का कोई अंत नहीं है."
                                                                                                                   -Sheldon Adelson 

  

   4. सोशल मीडिया व अन्य चीजों में समय की बर्बादी - 

क्या आपने कभी सोचा है आप एक दिन में कितने मिनट या घंटे सोशल मीडिया, टीवी आदि पर बर्बाद कर देते हैं और इससे आपको कोई फायदा भी है या सिर्फ नुकसान ही है. 

यकीनन आज के समय में युवा फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, you tube आदि पर अपने घंटो बर्बाद कर देते हैं इसमे समय किस प्रकार निकल जाता है पता ही नही चलता 

और इतना समय निकल जाता हैं की कोई भी जरूरी काम करने के लिए समय नहीं बचता और फिर युवा समय की कमी की शिकायत करते हैं. 



        समय की बर्बादी ही सोशल मीडिया का एकमात्र नुकसान नही हैं बल्कि इससे युवाओं और बच्चों की सोच का दायरा भी छोटा हो रहा है 

वे अनावश्यक संगठनों में पड़कर अपना समय तो बर्बाद करते हैं ही साथ ही अपनी मानसिकता को भी दूषित करते हैं, 

वे धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, राजनीतिक पार्टी आदि के नाम पर ऐसे लोगों से उलझे रहते हैं जिन्हें वे जानते तक नहीं.

 इसके साथ ही अपनी किसी पोस्ट अथवा फोटो पर लाइक्स और comment देखने के लिए बार बार सोशल साईट को देखते रहना, युवाओं का पूरा ध्यान उनकी जिन्दगी के लक्ष्य से भटका देता है और युवा अपने बडे लक्ष्य हासिल करने की अपेक्षा क्षणिक ख़ुशी को ज्यादा महत्व देते हैं.


आजकल के दौर में  कई  लोग दूसरे के सामने दिखावा करने पर  खुस होते हैं , 

सोशल मीडिया पर कोई फोटो डालना, status बदलना और अधिक से अधिक likes और कमेंट की उम्मीद करना और एसा होने पर खुस होना और न होने पर दुखी होना... 

जरा सोच के देखिये ये सब दिखावा क्यों?, अगर हम खुस है तो हैं इसमे दिखावा करने की क्या जरूरत.  ये सब हमारे समय को बर्बाद करता है और हमारी सोच को छोटा करता है.



यकीनन यदि सोशल मीडिया का सही से इस्तेमाल नही किया गया और यह आपका समय इसी प्रकार बर्बाद करता रहा तो आप अपना भविष्य अंधकार में डाल देंगे, 

अत: अगर आप भी इस लत में पड गये हैं तो आज ही इसे छोड़ने का प्रयास सुरु कर दीजिये यदि इसे पूरी तरह छोड़ना नहीं भी चाहते तो इसका समय बहुत कम कर दीजिय ताकि आपके अन्य कामों पर कोई नकारात्मक प्रभाव ना पड़े. 




5.आत्मविश्वास व साहस की कमी और असफलता का डर--

  कोई भी नया रिस्क लेने के लिए खुद पर विश्वास और साहस होना बहुत जरूरी है 

जैसे कोई नया बिज़नस सुरु करना हो या कोई अलग काम करना हो या कोई भी एसा क्षेत्र चुनना जिसमे  जाने में अधिकतर लोग  इसलिए साहस नही जुटा पाते क्योंकि उन्हें पहले ही असफलता का डर सताने लगता है 

तो ऐसे काम को चुनने के लिए  वास्तव में बहुत अधिक साहस की आवश्यकता होती है, अधिकतर लोगों में इस रिस्क को उठाने का साहस नहीं होता, जिससे वे सुरुवात करने से पहले ही हार जाते हैं.

यदि आपके पास वह साहस है और रिस्क ले लेते हैं तो आपके जीतने के chances काफी बढ़ जाते हैं क्योंकि वहां आपको कोई खास competition नहीं मिलेगा.

      आत्मविश्वास की कमी के कारण युवा अपने माता पिता के खिलाफ जाकर अपनी इच्छा के अनुसार करियर से सम्बंधित कोई रिस्क नहीं ले पाते और Comfort Zone में फंसे रह जाते हैं.


"यदि आप सोचते हैं की आप कोई काम कर सकते हैं या ये सोचते हैं की कोई काम नहीं कर सकते, तो आप दोनों प्रकार से ही सही हैं."
                                                                                                                      - Henry Ford


 कुछ लोग होते हैं जो खुद पर विश्वास करते हुए रिस्क लेने का साहस करते हैं और यदि उनमे असफलता को सहन करने की क्षमता है और वे बार बार असफल होकर भी उम्मीद नहीं छोड़ते और प्रयास करते रहते हैं तो ऐसे लोगों को सफल होने से कोई नही रोक सकता. 


    अत: अगर आपकी  दूसरों से अलग काम में रूचि है तो उसी काम में अपना करियर चुनिए, रिस्क लीजिये, 

साथ ही जहाँ जीत की उम्मीद रखिये वहीं असफलता के लिए भी तैयार रहिये, अपनी असफलता से निराश ना होइए, बल्कि उसके कारण जानने का प्रयास किजिए और फिर लग जाईये अपने लक्ष्य को हासिल करने में, आपकी जीत अवश्य होगी.



  6. दृढ संकल्प की कमी

दृढ संकल्प सफलता के लिए बहुत ही जरूरी है, कई बार हम कोई काम सुरु तो कर देते है लेकिन उसमे आने वाली बाधाओं से घबराकर हम उसे बीच में ही छोड़ देते हैं, 

या उसे लगातार टालते रहते हैं जिससे सफलता हमसे दूर होती जाती है अत: दृढ संकल्प ही हमे किसी काम में मजबूती से जमे रहने के लिए प्रेरित कर सकता है, 

यदि हम दृढ संकल्प से कोई काम करते हैं तो उसमे आने वाली बाधा हमे रोक नही सकती बल्कि हम जल्दी ही उसका समाधान निकालकर आगे बढ़ जाते हैं.

       जब हम अपनी समस्याओं को जानेंगे तभी उनका हल निकाल पाएंगे, यकीनन यदि आप भी इन समस्याओं की लग में हैं तो तुरंत अपने आप में सकारात्मक बदलाव कीजिये, 

और अपने जीवन में बड़े लक्ष्यों और उदेश्यों के साथ आगे बढिए, जीत आपकी होगी.


दोस्तों आपका जन्म सफल होने के लिए हुआ है, आप जीतने के लिए बने हैं, अपने अंदर की शक्तियों का आव्हान कीजिये, उन्हें जगाइए और जीतने के लिए उनका इस्तेमाल कीजिये, बुलंदियां आपका इंतजार कर रहीं हैं.


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