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Friday, January 5, 2018

कैसे निभाए new year resolution, नये साल का संकल्प कैसे निभाए



          Affirmation/ आत्म सुझाव



                                                         

affirmation ऐसे वाक्य हैं जो यदि लगातार दोहराए जाये तो वे हमारी सोच को प्रभावित करते हैं, जिससे हमारे काम पर उसी तरह का असर होता हैं और अंतत: हम वही बन जाते हैं.



       affirmation हमारे चेतन और अवचेतन मन को प्रभावित करते हैं, इसे हम इस प्रकार समझ सकते हैं जैसे किसी ने मुझे कहा तुम बहुत talented हो, तो कहीं न कहीं मेरे मन पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और मैं खुद को पहले से ज्यादा talented समझने लग जाऊँगी और यदि कई और लोग भी मुझे यही कहें तो वो बाते मेरे अंदर और दृढ़ता से बैठ जायेंगी और मैं खुद को बहुत talented समझने लग जाऊंगी और लगातार एसा होते रहने से मैं सच में पहले से बहुत talented हो जाऊंगीऔर मेरा talent मेरे हर काम में झलकेगा. मेरे सारे action पर positive असर पड़ेगा और मैं पहले से बहुत बेहतर, talented, confident हो जाउंगी, लेकिन इसके विपरीत यदि कोई मुझे लगातार नकारात्मक बाते कहे की मुझमे कोई कोई talent नही, मुझमे कोई खास बात नहीं, मैं जिन्दगी में कुछ नहीं कर पाऊँगी तो मैं धीरे- धीरे वैसी ही बन जाऊँगी. ....... लेकिन ध्यान रहे किसी की सकारात्मक या नकारात्मक बाते मुझ पर तभी असर करेंगी जब मैं उन बातों को महत्व दूंगी और उन्हें अपने अंदर असर करने दूंगी.



         ये हैं ताकत affirmation की, कोई वाक्य जो हमसे कहे जाते हैं चाहे कोई और व्यक्ति हमे कहे या हम खुद के लिए कहें  यदि हम उन बातों को स्वीकार करते हैं अपने अंदर जाने देते हैं और उन बातो पर भरोसा करते हैं तो यकीनन हम वैसे ही बन जाते हैं, चाहे वे सकारात्मक हों या नकारात्मक. इसीलिए कहते हैं 'हमेशा सकारात्मक सोच ही रखनी चाहिए'.




         यहाँ पर ध्यान देने योग्य बात यह है की कई लोग हमारे लिए नकारात्मक बाते बोलते हैं हमे demotivate करते हैं, तो ऐसे लोगों पर ध्यान न देकर खुद को उनके नकारात्मक affirmation से बचा सकते हैं यदि हम उन पर ध्यान न दें तो उनकी उन बातों का हम पर कोई असर नहीं पड़ेगा. अत: दुसरे लोगों के नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी न होने दें.




       दूसरों की बातो से ज्यादा, सबसे जरूरी बात ये हैं की हम खुद को अकेले में क्या बोलते हैं, खुद के लिए हमारे विचार क्या हैं?, क्या हम खुद के लिए सकारात्मक बाते कहते हैं की मैं talented हूँ, मैं खुश हूँ, मैं healthy हूँ, मैं सफल हूँ, या हम नकारात्मक बाते बोलते हैं मुझमे कोई खास बात नहीं है, मेरी किस्मत खराब हैं, मुझमे कोई talent नहीं, मैं बहुत परेशान और तनाव में हूँ etc..... जो भी हम खुद के लिए कहते हैं हम धीरे-धीरे वही बन जाते हैं


       अब आप सोचेंगे ये कैसे हो सकता हैं , क्या यह सम्भव हैं की हम जो अपने बारे में बोले या सोचे वैसा हो जाये,  और अगर एसा होता हैं तो फिर कुछ काम करने की क्या आवश्यकता हैं केवल सोचते रहो और अच्छा होता रहेगा, लेकिन ऐसे नहीं हैं. यह कैसे  काम करता हैं आएये जानते हैं------

      आइये जानते हैं------


      दरअसल हमारे दिमाग (brain) के दो हिस्से होते हैं -- एक चेतन मन  (conscious mind) और दूसरा अवचेतन मन  (subconscious mind)


   चेतन मन हमारे दिमाग का 10 % हिस्सा होता है जबकि अवचेतन मन 90% हिस्सा होता है, हमारा चेतन मन सही गलत में फर्क जानता हैं लेकिन अवचेतन मन सही गलत में कोई अंतर नहीं जानता, आप उसमे जो भी बाते जाने देंगे वह उसी को सच मानने लग जायेगा. जैसे आप लगातार कहेंगे की मै आलसी हूँ तो आप धीरे-धीरे आलसी बन जायेंगे, या यदि आप कई दिनों तक लगातार कहेंगे मैं बहुत energetic और active हूँ तो आप कुछ दिनों बाद वैसे ही बनने लग जायेंगें, हमारे अवचेतन मन की शक्ति से ही कोई भी आदत बनती हैं चाहे वह अच्छी हो या बुरी.


    लेकिन केवल बोलते रहने से कुछ नहीं होगा उसे महसूस करना भी जरूरी हैं खुद को उस स्थिति में रखना जरूरी है,


   जैसे आप सोचते हैं मैं बहुत अमीर हूँ, तो आप इसे पूरे दिल से महसूस करें जैसे आप अभी अमीर हैं, अमीरों जैसे चल रहे हैं बोल रहें हैं, गरीबो और जरूरतमंदों की मदद कर रहें हैं, आपने जरूरतमन्दों के लिए कई स्कूल और हॉस्पिटल खोल रखें हैं, आपको सुनने के लिए लाखों लोग खड़े हैं etc.....


Zig Ziglar के अनुसार ----  "अगर आप एक लक्ष्य तक पहुंचना चाहते हैं तो वास्तविकता में लक्ष्य तक पहुँचने से पहले अपने दिमाग में खुद को वहां पहुँचते हुए देखना होगा"    



     इस तरह आपके अवचेतन मन में धीरे-धीरे ये बात बैठ जाएगी की आप अमीर हैं और वह यह सच मान जायेगा, अब वह आपको अंदर से वैसा बनने के लिए हर संभव प्रयास करेगा किसी भी काम में आपकी ये सोच की 'मैं नहीं कर सकता' खत्म हो जाएगी और आपके अंदर किसी भी काम को करने की इच्छा और आत्मविश्वास काफी बढ़ जायेगा और जैसे जैसे आप लगातार affirmation करते रहते हैं आपका विश्वास अपने आप पर बढ़ता जाता है और आपके काम में सुधार होता रहता है.


    अक्सर कुछ लोग कोई भी लत जैसे सिगरते, शराब, ड्रग्स आदि सुरु करते समय कहते हैं की मैं इसे जब चाहे तब छोड़ सकता हूँ और जब धीरे- धीरे वे इनका सेवन रोज करते हैं तो अवचेतन मन इसे स्वीकार कर लेता है और उन्हें इसकी तलब होने लगती और उन्हें इसकी लत लग जाती हैं.




        हमारा अवचेतन मन बहुत ताकतवर होता है, जो वह बार-बार सुनता है उसे स्वीकार कर लेता है, जैसे कई बार किसी ने आपको कहा हो, 'तुम बहुत smart हो या बहुत intelligent हो तो आपको अंदर से ख़ुशी महसूस होती हैं  और उसके कुछ दिनों तक आप अपने आप को ज्यादा स्मार्ट या इंटेलीजेंट समझने लगते हो, या कई बार बचपन में किसी टीचर द्वारा कही गई कोई सकारात्मक बात जिससे आपका मन पढ़ाई में लग गया होगा या किसी टीचर द्वारा कही गई बात जिससे आपको महसूस हुआ होगा की आपका मन पढाई में नहीं लग रहा है.


      affirmation का प्रयोग सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से किया जा सकता हैं,इसी की मदद से अधिकतम सफल लोग सफलता तक पहुचे हैं और इसी की मदद से आज आतंकवादी संगठन लोगों का brainwash करते हैं वे उनके अंदर धर्म, मजहब के नाम पर गलत बाते भर देते हैं उन्हें उसी प्रकार के विडियो दिखाए जाते हैं, ऑडियो सुनाये जाते हैं, तस्वीरे दिखाई जाती हैं, जिससे उनका अवचेतन मन उसे धीरे-धीरे उसे सच मान लेता है और फिर वे उनसे जो चाहे करवा सकते हैं,
 


      affirmation बहुत ताकतवर होते हैं, यकीनन आप इसका प्रयोग सकारात्मक रूप में करना चाहेंगे.


     वास्तव में affirmation में हमे कोई भी वाक्य वर्तमान में बोलना होता है. जैसे मैं एक सफल उधमी हूँ, मैं अमीर हूँ, मैं एक बहुत ही नेक इंसान हूँ.


       affirmation काम जरूर करता है, ये सब करते समय आपको विशवास होना चाहिए की ये अवश्य काम करेगा.



  दोस्तों next पोस्ट में हम affirmation कैसे करें और क्या-क्या affirmation हमे करनी चाहिए? पढ़ें

24 AFFIRMATION जो जिंदगी बदल देंगे,